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अकाली दल को झटका, चुनाव से पहले शेर सिंह घुबाया ने थामा कांग्रेस का हाथ

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Punjab news, चंडीगढ़। लोकसभा चुनावों से पहले पंजाब में प्रमुख विपक्षी दल शिरोमणी अकाली दल को राजनैतिक झटका लगा है। फिरोजपुर से शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सांसद रहे शेर सिंह घुबाया मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए। घुबाया ने सोमवार को ही शिरोमणि अकाली दल से इस्तीफा दिया था।

sher singh ghubaya joins congress after quiting akali dal

घुबाया को लेकर पहले से ही माना जा रहा था कि अब वह अकाली दल को जल्द ही अलविदा कहेंगे। उन्होंने सोमवार को ही अकाली दल की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। पिछले कुछ दिनों से सुखबीर बादल व घुबाया के बीच सब ठीक नहीं चल रहा था। गाहे-बगाहे दोनों नेता एक दूसरे पर निशाना साध रहे थे। कई मौकों पर घुबाया आरोप लगा चुके थे,कि अकाली दल में उनकी अनदेखी हो रही है। माना जा रहा है कि उन्हें कांग्रेस में लाने के लिये उनके विधायक बेटे ने ही अहम भूमिका निभाई।

sher singh ghubaya joins congress after quiting akali dal

उनके बेटे दविंदर घुबाया फाजिल्का से कांग्रेस के विधायक हैं। माना जा रहा था कि सात मार्च को मोगा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली के दौरान घुबाया कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।लेकिन मंगलवार को अचानक पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस अवसर पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ व प्रभारी आशा कुमारी भी उनके साथ थीं। शेर सिंह घुबाया प्रदेश की जलालाबाद विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। 2009 में उन्होंने शिअद प्रमुख सुखबीर बादल के लिए जलालाबाद सीट खाली की थी और बाद में फिरोजपुर से संसदीय चुनाव लड़ा था। घुबाया लगातार 10 साल से सांसद हैं।

घुबाया ने कहा कि पार्टी में लगातार हो रही नइंसाफी के कारण उन्होंने अचानक चुप रहना मुनासिब समझा। लेकिन जब हदें पार होने लगीं तो वह पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि 2009 में वह अपनी सीट छोड़कर पार्टी प्रधान को जलालाबद से चुनाव लड़ाने के लिए लाए थे। सुखबीर बड़े अंतर से चुनाव जीते थे। लेकिन इसके बाद लगातार उनका वोट अंतर नीचे गिरता गया। 2017 के विधानसभा चुनाव में सुखबीर 18 हजार 500 वोट से ही जीते। घुबाया ने कहा कि अब लोगों का शिरोमणि अकाली दल से मोह भंग हो चुका है। घुबाया ने कहा कि पार्टी प्रधान की मनमानियों के कारण टकसाली अकाली नेता पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर हो गए।

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English summary
sher singh ghubaya joins congress after quiting akali dal
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