Amritpal Singh: अमृतपाल सिंह के ऊपर से हटा NSA, अब असम से वापस लाएगी पंजाब पुलिस
Amritpal Singh News: आतंकवाद के आरोपों में सांसद और कट्टरपंथी प्रचारक अमृतपाल सिंह अपने सात साथियों के साथ असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। अब पंजाब पुलिस अमृतपाल सिंह और उसके 7 सहयोगियों वापस लाने की तैयारी में है। रविवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भगवंत मान सरकार अमृतपाल सिंह के ऊपर से एनएसए हटाने का फैसला किया है।
पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव के कहा, 'अमृतपाल सिंह और उसके सात साथियों पर साल 2023 के अजनाला पुलिस स्टेशन हमले के सिलसिले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा और केस चलेगा। पीटीआई की खबर के मुताबिक, वारिस पंजाब दे समूह के नेता अमृतपाल सिंह, नौ अन्य लोगों के साथ, 2023 से एनएसए के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं।

2024 में उनकी हिरासत को एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया था। वापस लाए जा रहे सहयोगियों में बसंत सिंह, भगवंत सिंह उर्फ प्रधान मंत्री बाजेके, गुरुमीत सिंह गिल उर्फ गुरुमीत बुक्कनवाला, कुलवंत सिंह धालीवाल उर्फ कुलवंत सिंह, गुरिंदरपाल सिंह औजला उर्फ गुरी औजला, हरजीत सिंह उर्फ चाचा और सरबजीत सिंह कलसी उर्फ दलजीत सिंह कलसी शामिल हैं।
पंजाब सरकार का फैसला
अमृतपाल सिंह की एनएसए हिरासत की अवधि समाप्त होने वाली है और पंजाब सरकार ने इसे और आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। डीजीपी यादव ने इस फैसले की पुष्टि की और बताया कि पुलिस अधीक्षक हरिंदर सिंह गिल के नेतृत्व में एक टीम पहले से ही उनकी गिरफ्तारी की सुविधा के लिए डिब्रूगढ़ जेल में तैनात है।
पंजाब पुलिस उन्हें पंजाब वापस लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के लिए डिब्रूगढ़ कोर्ट में पेश करने की योजना बना रही है। पुलिस उप महानिरीक्षक (बॉर्डर रेंज, अमृतसर) सतिंदर सिंह ने पहले संकेत दिया था कि 2023 अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुए हमले की जांच आगे बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि इन बंदियों को अभी तक इस घटना के लिए औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने अमृतसर में संवाददाताओं से कहा कि हम मामले की जांच आगे बढ़ा रहे हैं। हम एफआईआर नंबर 39 में सात लोगों को गिरफ्तार करेंगे और उन्हें पंजाब वापस लाएंगे। बता दें कि अमृतपाल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और खडूर साहिब से जीत हासिल की।












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