पंजाब में अब आटे की भी होम डिलीवरी होगी, सस्ता राशन वितरण योजना से जुड़ी समतियां बनवाएगी सरकार
बठिंडा। आप की सरकार पंजाब में अपनी सस्ते राशन वितरण योजना की निगरानी के लिए जिला, ब्लॉक और डिपो स्तर पर सतर्कता समितियों का गठन कराएगी। इस योजना के अनुसार, सरकार 1 अक्टूबर से नीला कार्ड धारकों को डोर-टू-डोर आटा उपलब्ध करवाने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि, ये समितियां आटे की होम डिलीवरी की निगरानी करेंगी। राशन वितरण के दौरान समितियां किसी भी प्रकार के उल्लंघन, चूक या धन के दुरुपयोग के बारे में जिला प्रशासन को लिखित में सूचित करेंगी।

विजिलेंस, जिला व डिपो स्तर पर समितियों का होगा गठन
इस बारे में बताते हुए बठिंडा एएफएसओ संजीव भाटिया ने कहा कि, सरकार जिला से लेकर डिपो स्तर तक सर्तकता समितियां बनवाएगी। राशन को सही तरीके से वितरण की निगरानी के मद्देनजर जिला, ब्लॉक और डीपू स्तर पर सतर्कता समितियों के सदस्य तैनात होंगे। इस क्रम में सरकार का आदेश हमें मिल गया है, जिसके अनुसार ये कमेटियां जिला प्रशासन की देख-रेख में काम करेंगी, तो अब आदेश के अनुसार ही हमारा विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है।
आप पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि, "ये योजना शुरू होने से डिपो पर लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। और, राशन वितरण दौरान समितियां किसी भी प्रकार के उल्लंघन, चूक या धन के दुरुपयोग के बारे में जिला प्रशासन को लिखित में सूचित करेंगी।" हालांकि, एक बड़ा सवाल यह भी है कि राशन डिपो से आज तक सभी लोगों को पूरी गेहूं की नहीं मिल पा रही, फिर घर-घर पहुंचकर आटा किस आधार पर उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं, डिपो होल्डरों द्वारा इस नई प्रणाली शुरू होने से पहले ही विरोध शुरू कर दिया गया है। गेहूं वितरण के लिए समितियों का गठन होगा।
बता दें कि, नई सरकार ने हाल ही में लाभार्थियों को आटे की होम डिलीवरी को मंजूरी दी है। ऐसा 1 अक्टूबर से होगा। घर-घर गेहूं पहुंचाने की घोषणा के बाद अब पंजाब सरकार गेहूं की जगह अब आटा बांटने की तैयारी कर रही है। खबर है कि, इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग ने आटा चक्की व आटा मिलों से 5 व 10 किलो आटे की पैकिंग तैयार करवाकर उपभोक्ताओं को वितरित करने का निर्णय लिया है। अगर कोई उपभोक्ता आटा नहीं लेना चाहता तो उसे नियमानुसार राशन डिपो से गेंहू उपलब्ध करवाया जाएगा।












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