OPINION: पंजाब में ग्रीन टैक्स, प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम
पंजाब में भी दिल्ली की तरह उन पुराने वाहनों के चलन को कम करने की तैयारी है, जिनसे पर्यावरण प्रदूषण सबसे अधिक होने की संभावना है। सरकार ने इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ते हुए ग्रीन टैक्स की शुरू किया है। जिसके तहत 15 साल से पुराने वाहन अगर मानक से अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं, तो ऐसे वाहन मालिकों के ग्रीन टैक्स अदा करना होगा। मान सरकार की इस स्कीम को राज्य में प्रदेश नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से उठाया जाने वाल बड़ा कदम माना जा रहा है।
भगवंत मान सरकार के नई नीति के तहत केंद्र सरकार की 2021 की स्क्रैप पॉलिसी के बावजूद, जो वाहन 15 साल से पुराने हैं और ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं, उन्हें अब ग्रीन टैक्स देना होगा। पंजाब में इस नीति को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं, जिन्हें दूर करने के बाद सरकार ने इसे लागू किया है।

किन वाहन मालिकों को देना होगा टैक्स?
पंजाब के ग्रीन टैक्स स्कीम के तहत उन्ही वाहनों को शामिल किया गया है, जो 15 साल पुराने हैं और केंद्र सरकार की 2021 की स्क्रैप पॉलिसी के अंतर्गत आते हैं। हालांकि कुछ वाहन मालिकों को पंजाब में पिछले साल इस नीति का विरोध भी किया था, लेकिन सरकार ने सभी आशंकाओं को दूर करने के बाद इस स्कीम को अब लागू कर दिया है।
इसके अलावा सरकार ने टूरिस्ट वाहनों पर लगने वाला मोटर व्हीकल टैक्स भी घटा दिया है। पहले पर्यटक वाहनों से बहुत अधिक टैक्स वसूला जाता था। अब टैक्स घटाकर लग्जरी पर्यटक वाहनों के एकाधिकार को कम करने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का उद्देश्य है। नए समाधान के तहत अगर कोई 15 साल पुराना वाहन चलाना चाहता है, तो उसे पहले वाहन की नई रजिस्ट्रेशन करवानी होगी और ग्रीन टैक्स भी देना होगा। इसके बाद वह वाहन पांच साल तक सड़क पर चल सकेगा।
नई नीति को लेकर एक आधिकारिक बयान के मुताबिक प्राथमिक उद्देश्य पुराने वाहनों को चलन से बाहर कर प्रदूषण स्तर को कम करना है। इसके जरिए कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन खरीदने के लिए भी भविष्य में प्रोत्साहित करने की योजना है।












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