किसान आंदोलनकारी बोले- हम लॉकडाउन को नहीं मानेंगे, पंजाब के CM ने कहा- कानून मानो, ढील नहीं देंगे
चंडीगढ। कृषि कानूनों के खिलाफ 2020 से चल रहे किसानों के आंदोलन के कारण कोविड लॉकडाउन के नियमों में बदलाव नहीं होंगे। यह बात पंजाब में लागू लॉकडाउन के संदर्भ में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कही। उधर, किसान संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार लॉकडाउन में ढील दे, ताकि मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज हो सके। मगर, पंजाब में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार का कहना है कि, लॉकडाउन आमजन की भलाई के लिए लागू किया गया है और उसमें प्रदर्शनकारियों के कारण बदलाव नहीं लाए जा सकते।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने सख्त लॉकडाउन के आदेश दिए हैं। लॉकडाउन के खिलाफ किसानों की यूनियनों के विरोध पर, सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि 32 किसान यूनियनों का किसान मोर्चा, राज्य सरकार को शर्तें नहीं बता सकता। किसानों के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को राज्य के डीजीपी को सप्ताहांत लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने और किसी भी उल्लंघन के साथ कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार, नए और कठोर प्रतिबंध लगाने के लिए डिप्टी कमिश्नरों को अधिकार दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि मौजूदा प्रतिबंधों को कम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दिया जाए कि, पंजाब के 30 किसान संघ, जो कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, ने बुधवार को कहा था कि वे 8 मई को कोरोना वायरस लॉकडाउन के खिलाफ सड़क पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे और लोगों से प्रतिबंधों को धता बताने का आग्रह करेंगे।
एक किसान नेता ने कहा, "पंजाब की 32 किसान यूनियनों ने 8 मई को पंजाब में लॉकडाउन का विरोध करने का फैसला किया है, जहां हमारे क्षेत्र के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और लोगों से अपनी दुकानें खोलने और लॉकडाउन का पालन नहीं करने के लिए कहेंगे।"
इधर, राज्य सरकार ने 15 मई तक वीकेंड लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू जैसे उपायों के अलावा, कई अन्य व्यापक प्रतिबंध भी लगाए हैं। अमरिंदर सिंह ने कहा है कि यदि प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए कोई भी दुकानें खोली जाती हैं, तो मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी।












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