सीएम चन्नी की ओर से नियुक्त एडवोकेट जनरल पर 'भड़के' सिद्धू, 12 ट्वीट कर लगाई आरोपों की झड़ी
नई दिल्ली, 7 नवंबर: पंजाब में विधानसभा चुनाव करीब आ गए हैं, लेकिन पीसीसी चीफ नवजोत सिंह सिद्धू ने विपक्ष की जगह अपनी ही पार्टी के नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। रविवार को उन्होंने बैक टू बैक 12 ट्वीट किए और एडवोकेट जनरल एपीएस देओल पर गंभीर आरोप लगाए। सिद्धु के साफ शब्दों में कहा कि एजी साहब कानून तो अंधा है, लेकिन पंजाब की जनता अंधी नहीं है।
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सिद्धू ने ट्वीट कर लिखा कि हमारी कांग्रेस पार्टी बेअदबी के मामलों में न्याय देने के वादे के साथ सत्ता में आई, जिसमें आप मुख्य साजिशकर्ता और आरोपियों के हाईकोर्ट में वकील थे। आपने सरकार पर ही गंभीर आरोप लगा दिए। कानून अंधा है, पंजाब की जनता नहीं। इसके अलावा आपने ही मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, क्योंकि आप बेअदबी के मामलों में राजनीतिक दलों के झूठे निहितार्थ से डरते थे। उस दौरान आपने मुझे पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया था, जबकि मैं न्याय के लिए लड़ रहा था।
आगे के ट्वीट में उन्होंने लिखा कि क्या मैं जान सकता हूं कि जब आप साजिशकर्ताओं के लिए पेश हुए, तो आप किस हित के लिए काम कर रहे थे और अब आप किस हित के लिए काम कर रहे हैं। पहले आप आरोपी वकील बने, फिर राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बहुत जल्द आप एक न्यायाधीश के रूप में पदोन्नति की मांग करेंगे ताकि आप इस मामले का फैसला कर सकें। सर्वोच्च विधि अधिकारी होने के नाते आपका ध्यान राजनीति और राजनीतिक लाभ पर है।
पीसीसी चीफ ने आगे एजी को सलाह देते हुए कहा कि राजनीति को राजनेताओं पर छोड़ दें और अपने व्यक्तिगत विवेक, सत्यनिष्ठा और पेशेवर नैतिकता पर ध्यान केंद्रित करें, जिसकी आपको आवश्यकता है। वहीं ड्रग्स केस में एसटीएफ की रिपोर्ट पर आपने हाईकोर्ट में कहा था कि न्यायालय की अनुमति के बिना मामले में आगे बढ़ना नैतिक रूप से गलत होगा। क्या मैं जान सकता हूं कि एसटीएफ रिपोर्ट के आधार पर आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई में अनैतिक क्या है, जो पंजाब में नशीले पदार्थों-आतंकवाद के लिए जिम्मेदार हैं।












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