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कुपवाड़ा में शहीद हुए जवान रंजीत को मां-बहन ने दिया कंधा, तीन माह की बेटी ने दी मुखाग्नि

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गुरदासपुर। 13 जनवरी को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के उड़ी सैक्टर में तैनात पंजाब के जिला गुरदासपुर के गांव सिद्धपुर के रंजीत सिंह सलारिया (26) शहीद हो गए थे। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सिद्धपुर पहुंचा। यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद की तीन माह की बेटी परी ने उन्हें मुखाग्नि दी वहीं मां और बहन ने अर्थी को कंधा दिया। इस दौरान पूरे गांव का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।

    Gurdaspur में Soldier Ranjit Singh का अंतिम संस्कार, 3 महीने की बेटी ने दी मुखाग्नि | वनइंडिया हिंदी
    'मेरी परी को अपने पापा को देखना हैं'

    'मेरी परी को अपने पापा को देखना हैं'

    17 जनवरी को रंजीत सिंह सलारिया का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। मां रीना देवी, पिता हरबंस सिंह, पत्नी दीया व बहन जीवन ज्योति की करुणामयी चीत्कारें कलेजा छलनी कर रहीं थी। पत्नी दीया ने शहीद पति के ताबूत को देखा तो उसके सब्र का बांध टूट गया। रोते हुए पत्नी के मुख से यही शब्द निकले कि 'मेरे रंजीत को ताबूत से बाहर निकालो, उसका दम घुट रहा है। मेरी परी को अपने पापा को देखना है, देख परी पापा आ गए हैं। इतनी बातें कहते ही वह बेसुध हो गई।'

    मां और बहन ने दिया पार्थिव शरीर को कंधा

    मां और बहन ने दिया पार्थिव शरीर को कंधा

    जब सेना के जवान तिरंगे में लिपटी रंजीत की पार्थिव शरीर को श्मशान ले जाने लगे तो चार दिन से बेसुध शहीद की मां व बहन के कंधों में न जाने कहां से इतनी ताकत आ गई कि उन्होंने उसकी अर्थी को कंधा देकर श्मशान पहुंचाया। उन्हें ऐसा करता देख हर आंख से आंसू छलक उठे।

    बेटी परी ने दी मुखाग्नि

    बेटी परी ने दी मुखाग्नि

    शहीद रंजीत सलारिया को पिछले अक्टूबर में बेटी हुई थी। बेटी सानवी के जन्म पर खूब जश्न मनाया था और प्यार से उसका नाम परी रखा था। शुक्रवार को जब उसी नन्ही परी ने अपने दादा हरबंस सिंह व चाचा सुरजीत सिंह के साथ अपने नन्हें हाथों से अपने शहीद पिता की चिता को मुखाग्नि दी तो पूरा श्मशानघाट शहीद रंजीत सलारिया अमर रहे, भारत माता की जय के जयघोषों से गूंज उठा। हर कोई नम आंखों से यह कह रहा था कि ईश्वर यह दिन किसी को न दिखाए।

    शदीक को दी सलामी

    शदीक को दी सलामी

    तिब्बड़ी कैंट से आई दो जैक राइफल्स के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर बिगुल की मातमी धुन के साथ हवा में गोलियां दागते हुए शहीद को सलामी दी। सेना की ओर से सूबेदार राजेश सिंह, सूबेदार रवि कुमार, शहीद के यूनिट 221 आरटी फील्ड रेजीमेंट के कमांडिग अफसर कर्नल अम्भुज साच्चन की तरफ से नायब सूबेदार संजीव कुमार के अलावा जिला प्रशासन की तरफ से डीसी विपुल उज्जवल, जिला रक्षा सेवाएं भलाई विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल जीएस गिल व तहसीलदार मंजीत सिंह, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की, सांसद सन्नी दियोल के राजनीतिक सचिव गुरप्रीत पलहेरी आदि ने रीथ चढ़ा कर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    शहीद की पत्नी को सरकार देगी नौकरी

    शहीद की पत्नी को सरकार देगी नौकरी

    डीसी विपुल उज्जवल ने कहा कि सरकार की पॉलिसी के मुताबिक, शहीद की पत्नी को उनकी योग्यता के हिसाब से नौकरी दी जाएगी। इस अवसर पर शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि गांव में शहीद रंजीत सिंह के नाम पर एक यादगार का निर्माण करवाया जाए। शहीद की यूनिट 45 राष्ट्रीय राइफल्ज के सूबेदार रवि कुमार ने युनिट की ओर से 94 हजार की नकद राशि शहीद के परिवार को भेंट की।

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    English summary
    Mother-sister gave shoulder to martyrs soldier Ranjit Singh Salaria in Kupwara
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