हरीश रावत ने सिद्धू को दिया हाईकमान का संदेश, पंजाब में कांग्रेस नहीं बदलेगी 'कैप्टन'
नई दिल्ली, सितंबर 01: नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाले खेमों के बीच जारी खींचतान के बीच, कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने मंगलवार को पंजाब कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात की। आगामी राज्य चुनाव के मद्देनजर नेतृतेव परिवर्तन ना करने के पार्टी आलाकमान के फैसले से अवगत कराया। पंजाब कांग्रेस में मची कलह के बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की। इससे पहले मंगलवार को हरीश रावत ने चंडीगढ़ में पार्टी प्रधान नवजोत सिद्धू से मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्होंने सिद्धू की तारीफ में कसीदे पढ़े थे।
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पंजाब के पार्टी प्रभारी हरीश रावत मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और अन्य नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने सिद्धू से कहा कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को बदलने की उनकी मांग जायज नहीं है क्योंकि विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। उन्होंने उन्हें एक साथ काम करने और पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए भी कहा। उनके अधिकारों पर सवाल उठा रहे सिद्धू खेमे के परगट सिंह और अन्य नेताओं को भी रावत ने सीधा संदेश देते हुए कहा कि वो पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का चेहरा हैं।
हरीश रावत ने पंजाब कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के महासचिव परगट सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी सहयोगी और कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत नागरा के अलावा राज्य के कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों से भी मुलाकात की। हरीश रावत ने कहा कि, चुनाव नजदीक हैं। हमने पार्टी संगठन के विस्तार के बारे में बात की। चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए नेताओं को उनकी स्थिति के अनुसार जिम्मेदारी दी जाएगी। नवजोत सिंह सिद्धू ने यह भी आश्वासन दिया है कि पार्टी संगठन का विस्तार 15 दिनों के भीतर शुरू हो जाएगा।
हरीश रावत ने कहा कि हाईकमान के 18 सूत्रीय एजेंडे पर कैप्टन से बात हुई है। जिसमें मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि इन सभी मुद्दों पर काम हो रहा है। अब वो गुरुवार को पूरी रिपोर्ट बनाकर कांग्रेस हाईकमान यानी सोनिया गांधी को देंगे। इसके अलावा उन्होंने बिजली समझौते, कृषि सुधार कानून, नशा और बस परमिट जैसे मुद्दों पर बात की। मोहाली में मीडिया से बात करते हुए हरीश रावत ने कहा कि, मने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से तीन कृषि कानूनों के मुद्दे पर राज्य के राज्यपाल से मिलने का अनुरोध किया है। सीएम ने मुझे बताया कि बिजली खरीद समझौतों (पीपीए) के खिलाफ कुछ कार्रवाई की गई है।
हरीश रावत ने नवजोत सिंह सिद्धू और कार्यकारी अध्यक्षों को 'पंज प्यारे' कहकर एक विवाद को भी जन्म दिया है, जो पवित्र सिख पुरुष हैं। अकाली दल ने हरीश रावत से माफी की मांग की है। विवाद को बढ़ता देख बुधवार को रावत ने अपने बयान को लेकर माफी मांगते हुए कहा है कि उन्होंने गलती की है। वे अपनी गलती के लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने राज्य उत्तराखंड में गुरु के घर में झाड़ू लगाकर अपनी इस गलती का प्रायश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा किसी की तुलना पंज प्यारों से करने की नहीं थी।












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