किसानों की हुंकार- महापंचायत में तय हो जाएगा दिशा निर्देश, सरकार हो जाए अंजाम भुगतने को तैयार
चंडीगढ़, सितम्बर 4, 2021 । 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में किसानों के पहुंचने का सिलसिला जारी हो गया है। देश के सभी राज्य से हज़ारों की तादाद में शनिवार की सुबह से ही किसान और उनके समर्थक सभा स्थल पर पहुंच रहे हैं। सभा स्थल का पर वन इंडिया हिंदी ने सभा स्थल का जायज़ा लिया और किसानों से बात की। किसानों का कहना है कि सरकार अपनी ज़िद पर अड़ी हुई है। अब सरकार को मुद्दे का हल निकालना ही होगा।

ठहरने और खाने पीने का अच्छा इंतज़ाम
महापंचायत में पहुंच रहे किसानों ने कहा कि ठहरने और खाने पीने का इंतज़ाम भी अच्छा किया गया है। महापंचायत में पहुंचे किसानों ने कहा कि सुबह से ही हम लोग घर से निकले थे। जब सभा स्थल पर पहुंचे तो ठहरने और खानपान की पूरी व्यवस्था का खयाल रखा गया है। हम लोगों को किसी भी चीज़ की कोई कमी नहीं हो रही है। किसानों का कहना है कि घर से यही सोच कर निकले हैं कि महापंचायत से कुछ फ़ैसला निकलवा कर ही वापस लौटेंगे। सरकार जब तक कृषि क़ानून वापस नहीं लेगी किसान तब तक धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। चाहे किसानों को कई साल तक बैठना क्यों न पड़े।
सरकार को कृषि क़ानून रद्द करना होगा
किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए दूसरे राज्य से आए किसान और उनके समर्थकों का कहना है कि सरकार को अब कृषि कानूनों को रद्द कर देना चाहिए नहीं तो सरकार इसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। उन्होंने कहा कि इस किसान महापंचायत को ऐतिहासिक महापंचायत बनाएंगे और इस पंचायत के जरिए ही किसानों के आंदोलन की दिशा निर्देश तय होगी। सरकार की अंदेखी से पूरे देश के किसान आक्रोशित हैं। इसलिए महापंचायत के जरिए कई अहम फैसले लिए जाएंगे। किसान महापंचायत में शामिल किसानों ने कहा कि सरकार को नींद से जगाने के लिए यह महापंचायत आयोजित की गई है। इसी महापंचायत में तय हो जाएगा कि सरकार ने बात नहीं मानी तो किसानों को क्या क़दम उठाना है।
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पंजाब से भी पहुंचेगा काफिला
किसान नेता निर्मल सिंह ने बताया मुजफ्फऱनगर महापंचायत में उनके नेतृत्व में किसानों का काफिला मोहाली के बलौंगी से रैली के कूच करेगा। यहां से किसान समर्थकों के लिए मुफ़्त बस सेवा मुहैय्या करवाई जा रही है। किसान नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में मुजफ्फरनगर में महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महापंचायत में 18 से 20 लाख लोगों के जुटने की संभावना है। किसानों की मांगों को लेकर राकेश टिकैत शुरू से ही इस संघर्ष में अहम भूमिका निभाते आए हैं। निर्मल सिंह ने कहा कि इस संघर्ष को अंतिम रूप देने तक जारी रखेंगे। जब तक कामयाबी हासिल नहीं हो जाएगी तब तक वह इस संघर्ष में पूरी तरह से सहयोग देते रहेंगे। आपको बता दें कि इस महापंचायत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, केरल, हिमाचल जैसे राज्यों से भी किसान पहुंच रहे है। किसान नेताओं का कहना है कि महापंचायत में क़रीब 10 से 15 लाख किसान शामिल होंगे।
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