पंजाब: CM चन्नी ने किया एडवोकेट जनरल का इस्तीफ़ा नामंज़ूर, जानिये क्या हो सकती है वजह ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं लेकिन पंजाब में सियासी घमासान जारी है। एक विवाद खत्म भी नहीं होता कि दूसरा विवाद राह देख रहा होता है।
चंडीगढ़, नवम्बर 2, 2021: पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं लेकिन पंजाब में सियासी घमासान जारी है। एक विवाद खत्म भी नहीं होता कि दूसरा विवाद राह देख रहा होता है। पंजाब सरकार की मुश्किले एक बार फिर से एडवोकेट जनरल ए.पी.एस देओल के इस्तीफे से बढ़ गई थी। लेकिन सूत्रों की मानें तो पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एडवोकेट जनरल ए.पी.एस देओल के इस्तीफे को नामंज़ूर कर दिया है। सियासी गलियारों में यह चर्चाएं हैं कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने जिस तरह से पंजाब सरकार पर दोबारा से हमला बोला है उसी के जवाब में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने यह क़दम उठाया है।

सिद्धू ने साधा CM पर निशाना
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चिन्नी के बिजली के दरों के घटाने के फ़ैसले पर निशाना साधा। सिद्धू ने बिजली दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट कम करने के फैसले को 'लॉलीपॉप' करार दिया। उन्होंने कहा कि वे लॉलीपॉप देते हैं, ये मुफ्त है, वो मुफ्त है वो इन दो महीनों में हो रहा हैं। अगले साल की शुरुआत में पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सिद्धू ने कहा कि जनता यह सवाल पूछे कि वादे तो कर रहे हैं, वादों को पूरा कैसे करेंगे।

CM चन्नी को सौपा इस्तीफ़ा
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त किये गए एपीएस देओल ने पिछले दिनों अपने पद से इस्तीफा दे दिया । उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंप दिया था। बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने उनकी नियुक्ति को लेकर आपत्ति जताई थी। देओल पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी सुमेध सिंह सैनी और निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल के वकील थे, ये दोनों अधिकारी बहबल कलां पुलिस फायरिंग मामले में आरोपी थे। देओल ने कोर्ट में सुमेध सिंह सैनी का केस लड़ा था।

सिद्धू ने किया था नियुक्ति का विरोध
नवजोत सिंह सिद्धू ने देओल की नियुक्ति के विरोध में ट्वीट करते हुए कहा था, 'अपवित्रता के मामलों में न्याय की मांग और नशीली दवाओं के व्यापार के मुख्य दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 2017 में हमारी सरकार आई और उनकी विफलता के कारण लोगों ने अंतिम सीएम को हटा दिया। अब एजी/डीजी की नियुक्तियां पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कती हैं। उन्हें हटाया जाना चाहिए।'बता दें कि पंजाब के महाधिवक्ता के पद पर देओल की नियुक्ति को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा ने चन्नी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि जो व्यक्ति बहबल कलां पुलिस फायरिंग मामले में आरोपी लोगों का वकील रहा हो वह पंजाब के लोगों को कैसे न्याय दिलाएगा।

सिद्धू और सीएम चन्नी के बीच मतभेद
बता दें कि सिद्धू अब तक सीएम चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा की गईं कई नियुक्तियों का विरोध कर चुके हैं। कई शीर्ष स्तर की नियुक्तियों पर सिद्धू ने कहा कि इन नियुक्तियों में उनकी राय नहीं ली गई। सिद्धू का कहना था कि ये नियुक्तियां भ्रष्टाचार से लड़ाई लड़ने में उनकी घोषणाओं में बाधा बनेंगी। माना जा रहा है कि सिद्धू और नवनियुक्त सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। लंबे समय से पंजाब कांग्रेस के अंदर चली आ रही कलह शांत होने का नाम नहीं ले रही है। इस कलह के कारण ही पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को इस्तीफा देना पड़ा था। अगर वक्त रहते यह लड़ाई शांत नहीं हुई तो इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
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