• search
पंजाब न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

पंजाब: चरणजीत चन्नी के CM बन्ने से बदल गई सियासी फ़िज़ा, क्या इस वजह से परेशान हैं सिद्धू ?

|
Google Oneindia News

चंडीगढ़, अक्टूबर 18, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी फ़िज़ा पूरी तरह से बदल चुकी है। वहीं पंजाब कांग्रेस को पार्टी में पैदा हुए विवाद से छुटकारा ही नहीं मिल पा रहा है। हालांकि पंजाब कांग्रेस के नेता से लेकर कांग्रेस आलाकमान अंदरूनी कलह से निपटने के लिए पुरज़ोर कोशिश कर रही है। ग़ौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने इस्तीफ़ा वापस लेते ही चिट्ठी ट्वीट कर सरकार पर सवालिया निशान लगाया। वहीं उसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार देर शाम मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बैठक में शामिल हुए। सियासी गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर नवजोत सिंह सिद्धू चाहते क्या हैं ? क्योंकि आलाकमान ने सख़्त हिदायतें दी थीं की जो बात करनी है पार्टी फॉरम पर करें सोशल मीडिया के ज़रिए बात करने से पहेज़ करें बावजूद इसके सिद्धू ने ट्वीट अपने सरकार पर ही सवालिया निशान लगा दिया। इन्हीं सब मुद्दों पर वन इंडिया हिंदी ने चुनावी रणनीतिकार बद्री नाथ से बात की उन्होंने बताया कि सिद्धू के इस तरह के कारनामे के पीछे क्या वजह हो सकती है।

अपनी सरकार को घेर रहे सिद्धू

अपनी सरकार को घेर रहे सिद्धू

बद्री नाथ ने बताया कि इसके दो मायने हो सकते हैं एक तो यह कि कुछ भी हो जाए सिद्धू अपने तेवर नहीं बदल सकते हैं वह पंजाब की जनता के हित के लिए कोई भी जोखिम उठाने के लिए तैयार हैं। दूसरी वजह यह भी हो सकती है कि सिद्धू जिस मुद्दे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस्तीफ़ा लिया गया वह मुद्दे को लेकर पंजाब की सियासत में कांग्रेस कमज़ोर ना पड़ जाए इसलिए यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि एक तरफ आलाकमान को चिट्ठी लिखी जा रही है तो वहीं दूसरी ओर मुद्दे के हल के लिए मुख्यमंत्री के साथ बैठक की जा रही है। इससे पंजा की जनता में यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस में चाहे कलह कितनी भी बढ़ जाए जनता के हक़ में ही फ़ैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही सोची समझी राजनीति का हिस्सा है। अगर ऐसा नहीं होता तो कांग्रेस आलाकमान सिद्धू के इस्तीफ़े को तुरंत मंज़ूर कर लेती ना कि इतना ज़्यादा समय लेती। इसलिए हि आलाकमान ने सिद्धू को अध्यक्ष पद पर बने रहने दिया ताकि कांग्रेस में और ज़्यादा विवाद नहीं बढ़े।

सियासत में दलितों की भागीदारी

सियासत में दलितों की भागीदारी

सियासी ऐतबार से बात की जाए तो पंजाब दलित आबादी वाले क्षेत्र में अव्वल नंबर है बावजूद इसके चन्नी से पहले कोई भी दलित मुख्यमंत्री नहीं बना था। चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस ने पंजाब का सीएम बनाकर सियासत में दलितों की भागीदारी तय कर दी है। भविष्य में दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले नेता सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करने की रेस में ख़ुद को शामिल रहने की पूरी कोशिश करेंगे। चूंकि पंजाब में दलितों की आबादी 32 फ़ीसद है, वहीं जट सिखों की आबादी क़रीब 25 फ़ीसद है। सियासत में अब तक दलितों के वोट इसलिए बंट जाते थे क्योंकि पंजाब में कोई दलित चेहरा राजनीति में अच्छे मुक़ाम पर नहीं था। अब चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बन्ने से दलितों को पंजाब में पहचान मिल गई है। इसलिए ये क़यास लगाए जा रहे हैं कि दलितों का वोट एक जगह केंद्रित होकर कांग्रेस के पाले में जा सकता है।

सिद्धू क्यों हैं परेशान ?

सिद्धू क्यों हैं परेशान ?

नवजोत सिंह सिद्धू की परेशानी का सबब यह भी हो सकता है कि चन्नी पंजाब की प्राइड न बन जाएं और सिद्धू की लोकप्रियता ना कम हो जाए। पंजाब की सियासत में फ़्रंट फूट पर कभी भी दलित खेल सके इसकी ख़ास वजह यह रही कि पंजाब में हिंदू दलित और सिख दलित अलग-अलग पहचान रखते रहे। जो काम आज तक की इतिहास में नहीं हुआ शायद वो काम सीएम चन्नी शायद कर दें। यही वजह है कि सिद्धू ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी में उन्होंने पंजाब के कैबिनेट में एक मजहबी सिख को रखे जाने की मांग की है। इसके साथ ही दोआबा क्षेत्र से एक दलित प्रतिनिधि की मांग और हर दलित के परिवार को घर और जमीन की मांग भी कर दी है। दरअसल चन्नी रामदसिया समुदाय से आते हैं जबकि मजहबी सिखों की संख्या पंजाब के दलितों में सबसे ज्यादा है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू इस तरह मास्टस्ट्रोक लगाने की तैयारी कर रहे हैं।


ये भी पढ़ें: केजरीवाल के बाद सिसोदिया का पंजाब दौरा, जानिए किस तरह AAP तैयार कर रही चुनावी रणनीति

English summary
CM Channi has changed the political atmosphere, is Sidhu upset because of this?
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X