तेलंगाना में बनेगी पहली रेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, पीएम मोदी करेंगे इस परियोजना का शिलान्यास
पीएम मोदी तेलंगाना में 521 करोड़ की अनुमानित लागत वाले रेल विनिर्माण इकाई का शिलान्यास करेंगे।
राज्य के लिए पहली बार भारतीय रेलवे तेलंगाना में एक रेलवे वैगन विनिर्माण इकाई स्थापित होने जा रहा है। यूनिट का निर्माण काजीपेट में 160 एकड़ भूमि पर 521 करोड़ की अनुमानित लागत से किया जाएगा और फरवरी 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को इस परियोजना का शिलान्यास करेंगे।
हर महीने 200 वैगनों की आवधिक ओवरहालिंग (पीओएच) करने के लिए काजीपेट में एक वैगन मरम्मत कार्यशाला को मंजूरी दी गई थी। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को इस परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

हालांकि, रेलवे ने वैगनों की बढ़ती मांग और स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक विनिर्माण इकाई स्थापित करने के विभिन्न हितधारकों के अनुरोध को देखते हुए, काजीपेट में वैगन वर्कशॉप को एक पूर्ण रेलवे विनिर्माण इकाई में अपग्रेड किया जा रहा है।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, काजीपेट में रेलवे विनिर्माण इकाई का निर्माण 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इकाई की क्षमता हर साल 1200 वैगन बनाने की होगी। दूसरे वर्ष तक यह क्षमता 2,400 वैगन प्रति वर्ष तक बढ़ा दी जाएगी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि विनिर्माण इकाई रोलिंग स्टॉक की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करके उद्योग में योगदान देगी। रोलिंग स्टॉक के बढ़े हुए उत्पादन से न केवल तेलंगाना की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश भर में महत्वपूर्ण थोक वस्तुओं के परिवहन में भी सुविधा होगी। जिससे संपूर्ण भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) के महाप्रबंधक अरुण कुमार जैन ने बताया कि काजीपेट में रेलवे विनिर्माण इकाई भारतीय रेलवे और तेलंगाना के लोगों दोनों के लिए एक प्रतिष्ठित परियोजना है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में स्थापित होने वाली पहली भारतीय रेलवे विनिर्माण इकाई के रूप में, ये क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान देगी।
जैन ने आगे कहा कि विनिर्माण इकाई आवश्यकताओं के आधार पर विभिन्न प्रकार के रोलिंग स्टॉक का उत्पादन करेगी, हनमकोंडा क्षेत्र में नए औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी और स्थानीय आबादी की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।"
अपने पहले साल में इकाई में सालाना 1200 वैगन बनाने की क्षमता होगी, लेकिन दूसरे साल तक उत्पादन क्षमता दोगुनी हो जाएगी। प्रति वर्ष 2400 वैगन तक पहुंच जाएगी। प्रारंभ में इस परियोजना की कल्पना एक वैगन कार्यशाला के रूप में की गई थी, लेकिन अब ये बंद हो गई है। एक पूर्ण रेलवे विनिर्माण इकाई में अपग्रेड किया गया।












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