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निर्भया के दोषी अक्षय को फांसी के बाद उसके 9 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

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औरंगाबाद। निर्भया कांड के चारों आरोपितों को शुक्रवार की सुबह फांसी दे दी गई। इसके बाद उनके शवों का पोस्टमार्टम कर उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इसी कड़ी में दोषीअक्षय के शव को लेकर उसके परिजन शनिवार को पैतृक गांव पहुंचे। जहां अक्षय के 9 साल के बेटे ने उसे मुखाग्नि दी। अक्षय का शव गांव में पहुंचते ही सन्नाटा पसर गया और उसके घर से चीत्कार गूंजती रही।

अक्षय की फांसी से पहले पहुंच चुके थे उसके परिजन

अक्षय की फांसी से पहले पहुंच चुके थे उसके परिजन

फांसी होने से पहले ही अक्षय की पत्नी पुनीता, भाई व कई स्वजन दिल्ली पहुंच चुके थे और फांसी होने के बाद जेल प्रशासन की तरफ से उसके परिजनों को शव सौंप दिया गया था। उसका शव लेकर स्वजन शुक्रवार को ही औरंगाबाद जिले के ठाकुर टंडवा थाना क्षेत्र के करमा लहंग गांव रवाना हो गए थे।

गांव में ही किया गया अंतिम संस्कार

गांव में ही किया गया अंतिम संस्कार

मृतक अक्षय के पिता सरयू सिंह के फूफा प्रभु सिंह ने बताया कि शव लेकर स्वजन दोपहर बाद दिल्ली से एंबुलेंस से गांव के लिए रवाना हो गए। उधर फांसी की सजा से गांव में मातम पसरा रहा और ग्रामीण अक्षय के शव का घर पहुंचने का इंतजार करते रहे। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक उसका अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया।

गांव में पसरा रहा मातम

गांव में पसरा रहा मातम

शुक्रवार की सुबह दिल्‍ली की तिहाड़ जेल में निर्भया दुष्कर्म के दोषी चार लोगों में शामिल बिहार के अक्षय ठाकुर को फांसी पर लटकाए जाने के बाद उसके गांव औरंगाबाद के करमा लहंग में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। वहां रात में चूल्‍हे भी खामोश रहे।

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English summary
nirbhaya case akshay thakur son doing last ritual of father
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