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रद्द होगी लखवी की जमानत, फिर जाएगा जेल

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इस्‍लामाबाद। लगता है आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी के मसले पर भारत की ओर से बनाए गए दबाव का असर अब नजर आने लगा है। मुंबई आतंकी हमलों के मास्‍टरमाइंड लखवी की जमानत को अब पाकिस्तान सरकार दोबारा चुनौती न देने के बारे में सोच रही है। आपको बता दें कि भारत ने लखवी के मसले पर संयुक्‍त राष्‍ट्र में पाक के रुख की खुलकर आलोचना की थी।

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पाक सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जमानत रद्द करने के मामले में सरकार की ‘अपनी कमजोरियों' की बात कही। उन्‍होंने माना कि, जबकि 26/11 मामले की सुनवाई पूरी करने के लिए तय समय सीमा खत्म हुए एक महीने से ज्‍यादा का समय हो गया है लेकिन अभी तक कुछ भी खास नहीं हो सका है।

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने लखवी की जमानत को कैंसिल करने के लिए दायर सरकार की याचिका से पहले मुंबई आतंकी हमले के मामले को खत्‍म करने का आदेश दिया था। कोर्ट की ओर से सरकार को दो माह की समय सीमा दी गई थी।

हाई कोर्ट ने भी कहा था कि अगर लोअर कोर्ट्स दो महीने में और मध्य जून तक मामले को खत्‍म करने में नाकाम रहती है तो वह लखवी की जमानत रद्द कर देगा। हाई कोर्ट द्वारा तय समय सीमा को खत्म हुए डेढ़ महीना गुजर गया है। लेकिन लखवी की जमानत को दोबारा चुनौती देने के बारे में सरकार ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक सरकार द्वारा लखवी की जमानत को दोबारा चुनौती देने की संभावना नहीं है।

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English summary
Pakistan government will not re challenge the petition against terrorist Zaki-ur-Rahman Lakhvi.
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