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दिल्‍ली में पाक अधिकारी की हरकत के बाद इस्‍लामबाद में भारतीय राजनयिकों को दी गई धमकी

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इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद स्थित भारतीय उच्‍चायोग में तैनात अधिकारियों को पाक एजेंसीज की ओर से परेशान करने का नया मामला सामने आया है। इंग्लिश डेली इंडियन एक्‍सप्रेस की ओर से जानकारी दी गई है कि भारत ने इस घटना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। सूत्रों की ओर से बताया गया है कि इस्‍लामाबाद में भारतीय उच्‍चायोग ने एक 'नोट वेरबल' भेजा है। नोट वेरबल कम्‍यूनिकेशन का एक कम औपचारिक तरीका होता है जिस पर साइन नहीं होते हैं। इस नोट से इस्‍लामाबाद में हुई घटना के बारे में पूरी जानकारी विस्‍तार से दी गई है। पिछले दिनों दिल्‍ली के सरोजनी नगर थाने में एक महिला ने पाकिस्‍तान हाई कमीशन के अधिकारी पर उसे गलत तरीके से छुने का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद ही इस्‍लामाबाद में भारतीय अधिकारियों को परेशान करने की जानकारी सामने आई है।

15 जनवरी की घटना

15 जनवरी की घटना

भारत की ओर से पाकिस्‍तान की इंटेलीजेंस एजेंसियों पर आरोप लगाया गया है कि एजेंसियों ने भारत के दो राजनयिकों के खिलाफ भी इस तरह की शिकायतें दर्ज करने की धमकी दी है। इस नोट में लिखा है, '15 जनवरी को सुबह 10 बजे हाई कमीशन से डिप्‍लोमैटिक एनक्‍लेव में स्थित वर्ल्ड मार्ट में जाते समय, दो स्‍टाफ मेंबर्स से पाकिस्‍तानी एजेंसी के कर्मियों ने रोका था। उन्‍होंने इन अधिकारियों से भारत में स्थित पाक हाई कमीशन के अधिकारी के साथ हुई घटना को लेकर सवाल-जवाब किए गए और उनसे पूछा गया कि ऐसा क्‍यों हुआ था। इसके अलावा मिशन के अधिकारियों को धमकी दी गई कि वे भी इसी तरह का बर्ताव करेंगे।'

जारी है भारत-पाक के बीच तनाव

जारी है भारत-पाक के बीच तनाव

करतारपुर कॉरीडोर के बाद भी भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन राजनयिकों को परेशान करने की खबरें आती रहती हैं। इस मुद्दे को पिछले वर्ष सुलझा लिया गया था लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों को परेशान करने की खबरें आती रहती हैं। इस नोट में पाक के विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया गया है कि वह इस मामले की जांच करे। साथ ही घटना से जुड़ी एजेंसी से ऐसा दोबारा न हो यह सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही इस मामले की जांच से जुड़े नतीजों को भी भारतीय उच्‍चायोग के साथ साझा करने की रिक्‍वेस्‍ट की गई है। इस नोट में इस ओर ध्‍यान दिलाया गया है कि इस तरह की घटनाएं जिसमें राजनयिकों के परिवार को परेशान करने बाते हों साल 1961 की विएना संधि का उल्‍लंघन है।

दिल्‍ली में पाक अधिकारी की हरकत

दिल्‍ली में पाक अधिकारी की हरकत

13 जनवरी को जो घटना हुई थी उसमें दिल्‍ली पुलिस ने पाकिस्‍तान उच्‍चायोग के अधिकारी को तलब किया था। इस अधिकारी पर एक महिला ने सरोजनी नगर मार्केट में उसे गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया था। इस अधिकारी ने पुलिस के पास लिखित में माफीनामा दिया और इसके बाद उसे जाने दिया गया। महिला ने पुलिस से कहा था कि इस अधिकारी ने उसे बाजार में गलत तरीके से छुआ था। हालांकि अधिकारी ने महिला के आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि बाजार में भारी भीड़ होने की वजह से गलती से उसका हाथ महिला को छू गया था।

दिसंबर में भी हुए थे ऐसे मामले

दिसंबर में भी हुए थे ऐसे मामले

दिसंबर माह में भारत ने पाकिस्‍तान स्थित उच्‍चायोग में राजनयिकों के उत्‍पीड़न को लेकर पाकिस्‍तान के सामने नए सिरे से विरोध दर्ज कराया है। 25 दिसंबर को इस्‍लामाबाद में भारतीय उच्‍चायोग में तैनात एक राजनयिक को फिर से परेशान किए जाने की खबरें आई थीं। भारत की ओर से 21 और 27 दिसंबर को दो नोटिस भेजे गए थे। इन नोटिस में कहा गया था कि दो बार सेकेंड सेक्रेटरी के घर की बिजली सप्‍लाई को जानबूझकर काट दिया गया था। 10 दिसंबर को हुई घटना में कुछ अज्ञात लोगों ने इस्‍लामाबाद में राजनयिक के घर में दाखिल होने की कोशिश की। वहीं 21 दिसंबर को भारतीय मिशन में तैनात एक टीम को पेशावर में परेशान किया गया था। दोनों पक्षों की तरफ से राजनयिकों से जुड़े मुद्दों को साल 1992 के कोड ऑफ कनडक्‍ट के तहत सुलझाने पर रजामंदी जताई गई थी।

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English summary
Pakistan agencies now threaten Indian mission staff India lodges protest.
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