Noida: ऑनलाइन गाडी बुकिंग की फिशिंग वेबसाईट बनाकर करते थे ठगी, गिरोह के 5 सदस्य चढ़े पुलिस के हत्थे
इन शातिर ठगों का लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का तरीका देख आप भी चौक जाएंगे। एक फर्जी वेबसाइट बनाना, लोगों को ऐप डाउनलोड करवाना और बैंक खाते से लाखों निकाल लेना, नहीं देखें होंगे कहीं ऐसे पढ़े लिखे चोर।

जहां एक तरफ भारत में टेक्नोलॉजी का विकास बेहद ही तेजी से हो रहा है, वहीं अब शातिर चोर भी आधुनिक तरीके से ऑनलाइन फ्रॉड के नए नए तरीके निकाल कर लोगों को चूना लगा रहे हैं। हाल ही में गौतमबुद्धनगर के थाना सेक्टर-113 पुलिस द्वारा एक ऐसे ही ठगों के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिन्होंने लोगों के साथ धोखाधडी कर अबतक लाखो रुपयों की ठगी को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि ये शातिर ठग ऑनलाइन गाडी बुकिंग के नाम पर लोगों के बैंक खाते खाली कर दिया करते थे।

फिशिंग वेबसाईट के माध्यम से लाखों की ठगी
दरअसल, आज साईबर हैल्पलाइन मुख्यालय पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के द्वारा थाना सेक्टर-113 पुलिस के सहयोग से गाडी बुकिंग के नाम पर लोगों के साथ धोखाधडी कर लाखो रुपयों ठगी करने वाले अन्तर्राज्यीय गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जानकारी अनुसार इस गेंग ने किराये पर कार देने के लिये एक फिशिंग वेबसाईट www.mahalaxmicarrental.in बनायी थी, जिसका प्रचार गूगल ऐड के माध्यम से किया जाता था। इनकी वैबसाइट पर बुकिंग का पेमेंट करने वाले ग्राहकों का डेबिट / क्रेडिट कार्ड नम्बर, सी.वी.वी नम्बर, कार्ड की एक्सपायरी डेट लेकर वाटसअप के माध्यम से ए.पी.के फाईल भेजकर एस.एम.एस फारवर्डिग की स्क्रिप्ट भेजकर उनके खातो से जमा राशि निकालकर ठगी कर लेते है।
वहीं पुलिस द्वारा 5 आरोपियों को 1 लैपटॉप 5 फ़ोन, एक टैब, 3 डेबिट कार्ड, 43 हजार रूपये समेत आदित्य अर्बन कासा सोसायटी सेक्टर-78 नोएडा से गिरफ्तार किया है। ये लोग अपने साथियों के साथ मिलकर लाखो रुपये की ठगी कर चुके है। आपको बता दें कि इन शातिर ठगों ने नोएडा दिल्ली एनसीआर सहित सम्पूर्ण भारत के लोगों को अब तक ठगा है।

अपराध करने का शातिर तरीका
सबसे पहले तो इन ठगों ने फिशिंग वेबसाईट www.mahalaxmicarrental.in बनवाकर गूगल ऐड /SEO के माध्यम से प्रचार किया। जिसके बाद इस वेबसाइट में रेन्ट पर कार लेने के इच्छुक व्यक्ति बुकिंग हेतु अपना आवेदन/रजिस्ट्रेशन करते है। जिससे उनका मोबाईल नम्बर, नाम व बुकिंग डेस्टीनेशन आदि की डिटेल वैबसाइट पर सुरक्षित हो जाती हैं। इसके उपरान्त ये ठग वैबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करने वाले ग्राहकों को बुकिंग अमाउंट के लिये इसी बैबसाइट पर 101 रुपए की ट्रांजेक्शन करने के लिये कहते हैं।

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छूट का लालच देकर करवाते थे ऐप डाउनलोड
फिशिंग वैबसाइट पर इस ट्रांजेक्शन के बहाने ग्राहकों के डेबिट कार्ड/ क्रेडिट कार्ड नम्बर, सी.वी.वी नम्बर, एक्सपायरी डेट आदि डिटेल इन ठगों को मिल जाती है। उक्त 101 रू0 की ट्रांजेक्शन फेल हो जाने पर अभियुक्तगण ग्रहकों को फिर काल करते है, तथा वाटसअप के माध्यम से ए.पी.के फाईल भेजकर महालक्ष्मी की ऐप डाउनलोड यह बोलकर कराते है कि आपको बुकिंग में छूट मिल जायेगी। इस एपीके फाईल में एस.एम.एस फारवर्डिग की स्क्रिप्ट होती है। जिससे इन व्यक्तियों के माबाईल पर आने वाले सभी एस.एम.एस ठगों को प्राप्त हो जाते है, जिससे ग्राहकों/उपभोक्ताओं के डेबिट कार्ड/ क्रेडिट कार्ड से फोनपे/ पेटीएम/ क्रेड आदि पेमेंट गेटवे के माध्यम से पैसा फर्जी बैंक खातो में ट्रांसफर कर निकाल लेते है।












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