ग्रेटर नोएडा: फर्जी MBBS डॉक्टर ने खोल रखा था IVF सेंटर, इलाज कराने आई महिला की चली गई जान
ग्रेटर नोएडा: फर्जी MBBS डॉक्टर ने खोल रखा था IVF सेंटर, इलाज कराने आई महिला की चली गई जान
ग्रेटर नोएडा, 02 सितंबर: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक महिला को आईवीएफ करवाना महंगा पड़ गया। डॉक्टर की लापरवाही की वजह से महिला की जान चली गई। जिसके बाद महिला के पति ने बिसरख पुलिस से आरोपी डॉक्टर की शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद जब पुलिस ने जांच की तो पता चला की डॉक्टर की एमबीबीएस की डिग्रियां फर्जी है। जिसके बाद बिसरख पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला ग्रेटर नोएडा इको विलेज 2 मार्ट का है। यहां डॉक्टर आईवीएफ का फर्जी सेंटर खोलकर इलाज करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजियाबाद जिले के वसुंधरा निवासी चंद्रभान रावत की पत्नी ललिता रावत को आईवीएफ करवाना था। दोनों पति-पत्नी बीते 19 अगस्त की सुबह करीब 9:30 आईवीएफ क्रियेशन वर्ल्ड सेन्टर, ईको विलेज-2 मार्ट, थाना बिसरख, गौतमबुद्धनगर पहुंच गए। आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर ने महिला को बेहोश करने वाली दवा की ओवर डोज दी, जिसकी वजह से महिला की हालत खराब हो गई।
जिसके बाद महिला को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां 26 अगस्त को महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला के पति ने आईवीएफ सेंटर के संचालक के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाना बिसरख पुलिस को मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसके बाद बिसरख पुलिस ने आज शुक्रवार को आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि पुलिस जांच के दौरान आईवीएफ सेंटर के संचालक प्रियरंजन ठाकुर ने अपनी साल 2005 की एमबीबीएस की डिग्री पुलिस को दी। जो भूपेन्द्र नारायण यूनिवर्सिटी लालूनगर मधेपुरा बिहार से जारी की गई है।
जब पुलिस ने डिग्री की जांच कराई तो पता चला कि उसकी डिग्री फर्जी है। यह भूपेन्द्र नारायण यूनिवर्सिटी लालूनगर मधेपुरा बिहार से जारी नहीं की गई है। इस मामले में फर्जी डॉक्टर के खिलाफ थाना बिसरख में इन धाराओं में 420, 467, 468, 471 कार्यवाही की जा रही है। डीसीपी सेंट्रल राजेश एस ने जानकरी देते हुए बताया कि आरोपी डॉक्टर प्रियंजन को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में आरोपी डिग्री फर्जी मिली है।












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