50 सालों बाद दिल्ली की सड़कों पर फिर से दौड़ेगी ट्राम

अब दिल्लीवाले ट्राम में बैठे हुए लाल किले का नजारा कर सकेंगे। राष्ट्रीय राजधानी की विरासत को पुनर्जीवित करने की कोशिश के तहत लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग ने ये फैसला किया है। ट्राम सेवा लाल किले से होते हुए गुजरेगी। वायसरॉय लॉर्ड हार्डिंग की कोशिशों से पहली बार 6 मार्च 1908 को दिल्ली में ट्राम का परिचालन शुरु हुआ था लेकिन आधुनिक परिवहन के साधनों के आने के साथ ही इसे 1960 में बंद कर दिया गया।
Did You Know: कोलकाता भारत का इकलौता शहर है जहां आज भी ट्राम चलती हैं.
अब पुरानी दिल्ली को दोबारा से विकसित करने के लिए चोदनी चौक इलाके में ये ट्राम चलाने की योजना है। ये प्रस्ताव सुभाष मार्ग से फतेहपुरी मस्जिद के बीच करीब 3 किलोमीटर लंबी ट्राम लाइन शुरू करने की है। जो लालकिले को जोड़ेगी।
इसी पुर्नविकास योजना के तहत गैर-मोटर वाहनों के लिए लेन शुरु करने और 50 प्रतिशत क्षेत्र पैदलयात्री पथ के लिए आरक्षित करने का भी प्रस्ताव है। यह कनॉट प्लेस की तरह के चौड़े फुटपाथ के साथ-साथ चलेगी। इन इलाकों में मोटर-वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होगी।
Did You Know: कोलकाता भारत का इकलौता शहर है जहां आज भी ट्राम चलती हैं। पिछले दो दशक के दौरान निवेश की कमी, रख रखाव के अभाव और यात्रियों की संख्या में कमी के चलते ट्राम की स्थिति बदतर हुई है.












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