दिल्ली में धार्मिक जुलुसों पर जेब कतरों का साया
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। जेब कतरों का आतंक अब धर्मिक जुलुसों पर भी दिखने लगा है। कल रविवार को राजधानी की मुख्य सड़कों से गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व के अवसर पर नगर कीर्तन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र छाया और पंज प्यारों की अगुवाई में निकला। इसमें जेब कतरों से सावधान रहने की अपील होती रही।

बचो जेब कतरों से
पर इस बार सारे रास्ते में लोगों से अपील की जाती रही कि वे जेब कतरें से सावधान रहे। गुरुद्वारा रकाब गंज से अरदास के उपरान्त शुरू होकर तालकटोरा रोड, शंकर रोड, राजेंद्र नगर, पटेल नगर, शादीपुर डिपो, मोती नगर, कीर्ति नगर, रमेश नगर, राजा गार्डन, राजौरी गार्डन, सुभाष नगर मोड़, तिलक नगर, जेल रोड से होता हुआ गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा ए-ब्लाक, फतेह नगर में समाप्त हुआ।
पर्स-मोबाइल पर निगाहें
नगर कीर्तन के प्रबंधन से जुड़े सरदार के.एस.गुजराल ने बताया कि हम लोग जेब कतरों से बचने की अपील इसलिए कर रहे थे क्योंकि देखने में आया है कि नगर कीर्तन के दौरान बहुत से जेब कतरे घुसकर लोगों की जेब साफ कर देते हैं। ये पर्स से लेकर मोबाइल निकालते हैं। हर नगर कीर्तन के दौरान बीसियों लोगों की जेबें साफ कर दी जाती हैं।
इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह जीके ने संगतों को दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए कहा कि पुरातन काल से भारतीय समाज में जातिय भेदभाव इतना बढ़ गया था कि विदेशी हमलावर कभी पठान और कभी मुगल बिना किसी रोक टोक के भारत पर हमला करते और लूटने के साथ-साथ महिलाओं का अपमान करते थे। दशम पातिशाह ने श्री अनंदपुर साहिब में सभी जातियों को अमृत छका कर जाति भेदभाव को खत्म किया और जुल्म को मिटाने के लिए खालसा पंथ की नींव रखी।
सही फैसला
निवर्तमान दिल्ली विधान सभा के सदस्य जितेन्द्र सिंह शंटी ने कहा कि नगर कीर्तन के दौरान लोगों को अपनी जेबों को संभालने की अपील करना समझदारी भरा फैसला था। कारण यह है कि एक बार लोग सतर्क हो जाएंगे तो उन्हें नुकसान नहीं होगा।












Click it and Unblock the Notifications