दिल्ली HC ने दिया प्राइवेट स्कूलों को झटका, नर्सरी एडमिशन की नई गाइडलाइंस में बदलाव नहीं

नर्सरी स्कूल के एडमिशन को लेकऱ हाइकोर्ट की डबल बेंच ने ये फैसला सुनाया। कोर्ट ने निजी स्कूलों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि एलजी की गाइडलाइंस के तहत ही एडमिशन किए जाएं। कोर्ट ने कहा कि स्कूलों की स्वायत्ता एक बड़ा मुद्दा है। इसे विस्तृत तौर पर डील करने की जरूरत है। मालूम हो कि नर्सरी में दाखिले की प्रक्रिया पहले 15 जनवरी से शुरू होनी थी, लेकिन प्राइवेट स्कूलों ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी, जिसकी वजह से इसे रोक दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार दाखिले की प्रक्रिया देरी से शुरू होने के बावजूद अभिभावकों को पूरा वक्त दिया जाएगा। नए दिशानिर्देश में स्कूल से आठ किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को पड़ोस में शामिल करने का प्रावधान किया गया है और पड़ोस की शर्त को 100 में 70 अंक दिया गया है।
नई गाइडलाइंस के प्रावधान
पहली कैटेगरी के तहत स्कूलों को पहले की तरह 25 फीसदी सीटों पर ईडब्ल्यूएस कोटे के बच्चों को एडमिशन देना होगा। 5 फीसदी सीटें स्टाफ कोटे के लिए तय की गई हैं। इन पर स्कूल कर्मचारियों और शिक्षकों के बच्चों को एडमिशन देना होगा। अगर कोटा फुल नहीं होता है तो बची हुई बाकी सीटें ओपन सीटों में तब्दील हो जाएंगी। को-एजुकेशन स्कूलों में पांच फीसदी सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित करनी होंगी।
इन सीटों पर एडमिशन लॉटरी सिस्टम से होंगे। हालांकि इस कोटे के तहत स्कूल के 8 किलोमीटर के दायरे में रहने वाली लड़कियों का ही लॉटरी के जरिए एडमिशन किया जाएगा। इसके अलावा अल्पसंख्यक स्कूलों में भी 25 फीसदी सीटें ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए आरक्षित करने की बात कही गई है।












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