अपने ही घर में शीला को मिल रही है कड़ी चुनौती

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यह चुनावी क्षेत्र मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, भाजपा के विजेंद्र गुप्ता और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच कडे मुकाबले के लिए तैयार है।इस चुनावी क्षेत्र के बहुत से इलाके अच्छी तरह विकसित हैं लेकिन ऐसे इलाके भी हैं, जहां पर आधारभूत संरचना बेहद खराब हालत में है। इस इलाके में कुल 1.18 लाख मतदाता हैं, जिसमें 60 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी और उनके परिवारवाले हैं। यहां के कई इलाकों में पेय जल सुविधा, सीवर लाइनों और साफ-सफाई की मूलभूत समस्याएं बनी हुई है। ऐसे में साफ है कि शीला दीक्षित के विकास मॉर्डल को इस इलाके में कड़ी चुनौती का सामना करना होगा।
इस विधानसभा क्षेत्र के अनधिकृत इलाकों में रहने वाले लोगों की माने तो कांग्रेस सरकार ने पिछले विधानसभा चुनावों से पहले कालोनियों के नियमन और अवसंरचना में सुधार का वादा किया था लेकिन अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है। भले ही शीला दीक्षित नयी दिल्ली विधान सभा सीट पर अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हो लेकिन सच्चाई है कि इसबार शीला की अग्निपरीक्षा तय है।












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