'आप' की सरकार में दिल्लीवालों को देना होगा 'हवा का बिल'

हम उस वक्त की बात कर रहे है जब अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने जंतर-मंतर पर पिछले साल 28 अप्रैल को बिजली-पानी के लिए प्रदर्सन किया था और पानी के मीटर को फॉल्टी बताते हुए कहा था कि इस मीटर में पानी के साथ हवा का भी बिल आता है। केजरीवाल ने उस वक्त डेमो देकर बताया था कि किस तरह मीटर में पानी के साथ हवा का भी बिल आता है, लेकिन अब जब कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है और खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास जल बोर्ड है तो दिल्लीवालों को उन्हीं मीटरों को लगाने का नोटिस भेजा जा रहा है और घ रों में इसी मीटर के कनेक्शन किए जा रहे है।
कई आरडब्ल्यूए को जल बोर्ड की तरफ से और पानी के मीटर लगाने वाली कंपनी की तरफ से नोटिस आ रहे हैं। गौरतलब है कि जल बोर्ड सभी मीटरों को चेंज करने का काम पिछले साल से ही कर रहा है। पिछले साल भी इसी तरह के नोटिस जारी किए गए थे। जब ये मामला सामने आया तो अरविंद केजरीवाल ने मामले के जांच के आदेश दे दिए। हलांकि ये सवाल जरुर उठता है कि क्या जल बोर्ड केजरीवाल की जानकारी के बगैर ये काम कर रहा है। वहीं बीजेपी ने इस मुद्दे को उछालकर सीएम पर आरोप लगाया है कि जलबोर्ड का कोई भी फैसला बिना मुख्यमंत्री की अनुमति के नहीं लिया जाता क्योंकि जलबोर्ड का अध्यक्ष मुख्यमंत्री ही होता है।












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