• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

GB रोड की सेक्स वर्करों को मिली नई पहचान

|

gb road
नयी दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों के वक्त दिल्ली में विकास की जो आंधी चली उससे दिल्ली की तस्वीर और तकदीर दोनों ही बदल दी। सब कुछ बदल गया, लेकिन इस चकाचौंध के पीछे एक ऐसा दाग भी है जो सदियों से दिल्ली का नासूर बना हुआ है। ये एरिया दिल्ली का रेड लाईट एरिया जीबी रोड। अंग्रेजों के जमाने में यहां मुजरे का चलन था। बाद में इन तवायफों को लाइसेंस दे दिया गया।

जिस्म का बाजार दिल्ली के चारों ओर फैले थे। बाद में इस कारोबार को एक जगह इकट्ठा कर दिया गया और जीबी रोड बन गया। जीबी रोड मतलब जिस्म के कारोबार का अड्डा। इसका पुरा नाम ग्रेस्टीस बेसीन रोड हैं। ऩई दिल्ली रेलवे स्टेशन से महज 100 मीटर की दुरी पर यह एरिया हैं। पहले ये धंधा चावड़ी बाजार में था बाद मे इसे शहर से बाहर कर दिया गया। आज का जीबी रोड उस समय के वर्लड सिटी से बाहर का इलाका था।

लेकिन अब जीबी रोड के सेक्स वर्कर का पता बदल गया है। जीबी रोड अब स्वामी श्रद्धानंद मार्ग के नाम से जाना जाएगा। इनका पता बदल गया। ये काम चुनाव आयोग की ओर से कि या ग या है। इस बार लोकसभा चुनाव में कई सेक्स वर्करों ने आगे आकर मतदान किया था। दिल्ली के प्रमुख चुनाव अधिकारी विजय देव के मुताबिक, जीबी रोड का नाम बदले जाने से लोगों की सोच में भी परिवर्तन होने की उम्मीद है।

आपको बता दें कि 1966 में भी जीबी रोड का नाम स्वामी श्रद्धानंद मार्ग कर दिया गया था, मगर इसे जीबी रोड के नाम से ही जाना जाता था। बीते लोकसभा चुनाव में पहली बार करीब 1500 सेक्स वर्करों ने मतदान किया।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
The infamous "G.B.Road" address on the voter identity cards of Delhi's sex workers had stripped away their dignity and made them a subject of humiliation and ignominy.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more