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दिल्ली बजट पर व्यापार जगत नाराज, बताया अभावग्रस्त नीतियों का दस्तावेज़

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नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी के बजट पर व्यापारी संगठन नाराज है। ट्रेड यूनियन ने इस बजट को दिशाहीन बजट बताया है। इसे एक अभावग्रस्त नीतियों का दस्तावेज करार दिया है। इस बजट को लेकर व्यापारी जगत नाखुश है। इसे लेकर अब उन्होंने विरोध शुरु कर दिया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन ने दिल्ली बजट को लेकर विरोध शुरु कर दिया है।

manish sisodia

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2016 -17 का बजट केवल बड़ी घोषणाओं और दूरदृष्टि से अभावग्रस्त नीतियों का दस्तावेज़ मात्र है जिसका हकीकत से कोई सरोकार नहीं है। बजट में घोषित किये प्रावधान और नीतियों के क्रियानावन हेतु कोई समय सीमा निर्धारित न करना बजट के खोखलेपन का पूरा एहसास करता है। यह प्रतिक्रिया कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने व्यक्त करते हुए कहा की पूरे बजट में व्यापारियों को कोई स्थान न देना दिल्ली के व्यापार के प्रति सरकार के रूख को साफ़ दर्शाता है।

बजट में कुछ वस्तुओं पर वैट की दर कम की गयी है लेकिन बड़ी मात्रा में रोज़मर्रा की जरूरत की अनेक वस्तुओं पर वेट की दर कमन करने से व्यापारियों को निराशा हुई है। खंडेलवाल कहा की दिल्ली में कोई विशेष उद्योग अथवा कृषि न होने के कारण दिल्ली न तो औद्योगिक राज्य है अथवा नही कृषि राज्य। दिल्ली की अर्थव्यवस्था सदा व्यापारिक गतिविधियों पर ही निर्भर रही है लेकिन आजादी से लेकर अबतक किसी भी सरकार ने दिल्ली के व्यापार को अपनी प्राथमिकता में नहीं रखा।

दिल्ली सदियों से देश का सबसे बड़ा व्यापारिक वितरण केंद्र है और दिल्ली के राजस्व का बहुत बड़ा हिस्सा व्यापार से ही आता है, इस दृष्टि से दिल्ली को "व्यापारिक राज्य " का दर्जा मिलना चाहिए लेकिन दिल्ली बजट में इस पर कोई जिक्र तक नहीं किया गया। वैट दिल्ली सरकार के राजस्व का बहुत बड़ा हिस्सा है लेकिन वैटकर प्रणाली के सरलीकरण की ओर भी बजट में कोई चर्चा तक नहीं की गयी है। दिल्ली की मार्किटों में ढांचागत विकास करने की भी कोई घोषणा बजट में नहीं की गई है।

दिल्ली में व्यापार को योजनाबद्द एवं सुगम तरीके से विकसित किया जाए इस हेतु दिल्ली ट्रेड बोर्ड का गठन बेहद आवश्यक है। लेकिन बजट में उप-मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की इस मांग को भी दर किनार कर दिया है। पुरानी दिल्ली में लगभग 200 से अधिक थोकमार्किट देश भर में माल भेजती हैं ओर सरकार के लिए राजस्व इकठ्ठा करती हैं जिसके लिए शाहजहानाबाद को विकसित करने के लिए बजट में समुचित राशि का प्रावधान न किया जाना भी बेहद निराशाजनक है। कुल मिलकर बजट दिशा ओर दशाहीन है।

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English summary
The Confederation of All India Traders said The Delhi Budget presented by deputy Chief Minister Manish Sisodia is a document of tall claims and vision less policies.
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