CBI केस: CJI रंजन गोगोई ने आलोक वर्मा मामले में गठित कमेटी से खुद को अलग किया
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने खुद को सीबीआई डॉयरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ जांच करने वाली सलेक्शन कमेटी से अलग कर दिया है। बुधवार को उन्होंने सलेक्शन कमेटी के लिए जस्टिस एके सीकरी को नियुक्त किया। तीन सदस्यीय सलेक्शन कमेटी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता भी शामिल होंगे. विपक्ष में इस समय कोई नेता नहीं है. इसलिए कांग्रेस के लोकसभा में नेता मल्लिकाजुर्न खड़गे तीसरे सदस्य होंगे।

सीबीआई के डॉयरेक्टर आलोक वर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाने के बाद इन्हें नामांकित किया है. अब ये हाईपावर कमेटी इस मामले को देखेगी और एक हफ्ते के भीतर इस पर फैसला लेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आलोक वर्मा सीबीआई चीफ पर बहाली के बावजूद कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हैं। आलोक वर्मा इसी महीने सीबीआई के डॉयरेक्टर पद से रिटायर हो रहे हैं।
केंद्र सरकार ने को 19 जनवरी 2017 को आलोक वर्मा को दो साल के लिए सीबीआई डॉयरेक्टर के पद पर नियुक्त किया था। केंद्र सरकार के उन्हें छुट्टी पर भेजने के खिलाफ आलोक वर्मा सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना से विवाद के बाद केंद्र सरकार ने सीवीसी की सलाह पर ये फैसला लिया था।
गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आलोक वर्मा के पक्ष में फैसला सुनाया, इस फैसले को केंद्र सरकार को लगा बड़ा झटका माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार को सीबीआई निदेशक को छुट्टी पर भेजने का अधिकार नहीं है।












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