BSF Raising Day : 2.65 लाख जवानों वाले दुनिया की सबसे बड़े सीमा सुरक्षा बल की स्‍थापना की पूरी कहानी

1 दिसम्‍बर 2022 को बीएसएफ का स्‍थापना दिवस मनाया गया। पांच दिन पहले ही खुद बीएसएफ ने अपने ट्विटर हैंडल पर स्‍थापना दिवस #BSFRaisingDay से जुड़ी जानकारी शेयर की है।

BSF Raising Day History in Hindi : भारत-पाकिस्‍तान बॉर्डर पर चाहे खून जमा देने वाले सियाचिन ग्लेशियर हो या आग उगलता राजस्‍थान का थार मरुस्‍थल। सब जगह पाक के हर नापाक मंसूबों पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की निगाहें होती हैं। पाकिस्‍तान को उसकी छोटी सी हरकत का भी मुंहतोड़ देते हैं बीएसएफ के ये रणबांकुरे। सीमा की रखवाली इन्‍हीं के हवाले है।

1 दिसम्‍बर 1965 को बीएसएफ का स्‍थापना दिवस

1 दिसम्‍बर 1965 को बीएसएफ का स्‍थापना दिवस

आज हम सीमा सुरक्षा बल का जिक्र इसलिए कर रहे हैं कि 1 दिसम्‍बर 2022 को बीएसएफ का स्‍थापना दिवस मनाया गया। पांच दिन पहले ही खुद बीएसएफ ने अपने ट्विटर हैंडल पर स्‍थापना दिवस #BSFRaisingDay से जुड़ी जानकारी शेयर की है। इस मौके पर जानिए सीमा सुरक्षा बल की स्‍थापना की पूरी कहानी और उन गौरवशाली पलों को जब बीएसएफ के जवानों ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा किया।

 बीएसएफ ने अपनी ट्वीट में क्‍या कहा?

बीएसएफ ने अपनी ट्वीट में क्‍या कहा?

25 नवंबर को बीएसएफ ने ट्वीट कर बताया कि 25 बटालियन के साथ 1 दिसम्‍बर 1965 को सीमा सुरक्षा बल की स्‍थापना की गई। वर्तमान में बीएसएफ में 2.65 लाख जवान तैनात हैं, जो 4 एनडीआरएफ बटालियन समेत कुल 193 बटालियन और 07 बीएसएफ आर्टी रेजीमेंट में इंटरनेशनल बॉर्डर पर तैनात हैं।

 सीमा सुरक्षा बल क्‍या है?

सीमा सुरक्षा बल क्‍या है?

भारत में सीमा सुरक्षा बल एक तरह से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ( CRPF), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), आसाम राइफल्‍स व सशस्त्र सीमा बल ( SSB) जैसा अर्धसैनिक बल है। ये देश के भीतर रहकर सीमाओं की रक्षा जरूर करते हैं, मगर अर्धसैनिक बल भारतीय सेना से काफी अलग हैं। वेतन, भत्‍ते, अन्‍य सुविधाओं से लेकर पद व रैंक में बीएसएफ और आर्मी में अंतर है। बीएसएफ गृह मंत्रालय और भारतीय सेना के जवान रक्षा मंत्रालय के अंडर में आते हैं।

 जंग होते ही सेना के जवान संभाल लेते हैं मोर्चा

जंग होते ही सेना के जवान संभाल लेते हैं मोर्चा

खास बात है कि बॉर्डर सिक्‍योरिटी फोर्स (BSF) के जवान शांति काल के दौरान पाकिस्‍तान व बांग्‍लादेश बॉर्डर पर भारतीय सीमा की रक्षा करते हैं। इसके साथ-साथ बॉर्डर पार से होने वाले अपराध मसलन घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्‍करी और जासूसी को भी रोकते हैं। इसीलिए बीएसएफ को देश की सुरक्षा की 'पहली सुरक्षा पंक्ति' कहा जाता है। जब युद्ध की नौबत आती है कि भारतीय सेना के जवान सीमा पर मोर्चा संभाल लेते हैं। शांति काल भारतीय सेना के जवान खुद को युद्ध के लिए तैयार कर रहे होते हैं।

 बीएसएफ की स्‍थापना क्‍यों हुई?

बीएसएफ की स्‍थापना क्‍यों हुई?

साल 1965 तक भारत पाकिस्‍तान इंटरनेशनल बॉर्डर की सुरक्षा संबंधित राज्‍य की पुलिस करती थी, जिसे राज्‍य सशस्‍त्र पुलिस बटालियन कहा जाता था। 9 अप्रैल 1965 पाकिस्तान ने गुजरात के कच्छ में सरदार पोस्ट, छार बेट और बेरिया बेट पर हमला कर दिया था। सीमा पार से हुए हमले से निपटना राज्‍य सशस्‍त्र पुलिस के बस की बात नहीं थी। ऐसे में किसी विशेष केंद्रीय नियंत्रित बल की आवश्‍यकता महसूस हुई और एक दिसम्‍बर को 1965 को सीमा सुरक्षा बल अस्तित्व में आया। बीएसएफ की स्‍थापना का श्रेय पुलिस अधिकारी केएफ रुस्तमजी (खुसरो फारामर्ज) को दिया जाता है। केएफ रुस्तमजी ही बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल बने थे। वर्तमान में बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल आईपीएस पंकज कुमार सिंह हैं।

BSF जवान कहां-कहां तैनात हैं?

BSF जवान कहां-कहां तैनात हैं?

वर्तमान में बीएनएस और 07 बीएसएफ आर्टी रेजीमेंट पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा की रखवाली करते हैं। इसके अलावा बीएसएफ के जवान कश्मीर घाटी में घुसपैठ रोधी भूमिका, उत्तर पूर्व क्षेत्र में आतंकवाद रोधी भूमिका, ओडिशा और छत्तीसगढ़ राज्यों में नक्सल रोधी अभियान और पाकिस्तान और बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एकीकृत चेक पोस्ट की सुरक्षा भी कर रहा है। भारत और पाकिस्‍तान जम्‍मू कश्‍मीर, राजस्‍थान, पंजाब व गुजरात में 3323 किलोमीटर, भारत और बांग्‍लादेश असम, त्रिपुरा, मिज़ोरम, मेघालय और पश्चिम बंगाल में 4096.7 किलोमीटर भूमि सीमा साझा करते हैं।

BSF और भारतीय सेना के जवानों में क्‍या अंतर?

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