ईमानदारी का ढ़ोल पीटने वाले केजरीवाल असल में कितने बेईमान!

बतौर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के तिलक लेन पर सरकारी बंगला दिया गया था, लेकिन अपने पद से इस्तीफा देने के बाद भी अब तक उन्होंने इसे खाली नहीं किया हैं। यूं तो केजरीवाल नियम और कानून की बात करते है, लेकिन जब बात खुद पर आती है तो इसे भूल जाते हैं।
केजरीवाल ने 14 फरवरी को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था और नियम के मुताबिक, इसके 15 दिनों बाद यानी एक मार्च तक उन्हें अपना सरकारी आवास खाली करना था, लेकिन दिल्ली सचिवालय सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अब तक इसे खाली नहीं किया हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी ने उन्हें अभी तक घर खाली करने का नोटिस नहीं भेजा है। विभाग को डर है कि अगर केजरीवाल की पार्टी फिर सत्ता में आई तो वह संबंधित ऑफिसरों के लिए परेशानी खड़ी करेगी।
Did You Know:पाकिस्तान मीडिया ने केजरीवाल को सबसे प्रभावहीन नेता बताया है।
गौरतलब है कि इसी तरह के मामले में दिल्ली की पूर्ववर्ती शीला दीक्षित और उनके मंत्रियों को नोटिस भेजा जा चुका है, लेकिन केजरीवाल को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। नियम के मुताबिक, पूर्व मंत्री अपने आधिकारिक निवास में मुफ्त में 15 दिनों तक रह सकते हैं। पद से इस्तीफा देने के बाद भी वह अधितकम छह महीने तक घर में रह सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें मार्केट रेट से कहीं ज्यादा किराया चुकाना होता है। ऐसे में अगर केजरीवाल सरकारी आवास में रहना चाहें तो 2.58 लाख प्रतिमाह किराया देना होगा।
Did You Know: पाकिस्तान अखबार ‘द न्यूज डेली' ने केजरीवाल को सबसे प्रभावहीन नेता बताया है। अखबार ने लिखा कि ‘इंडिया शाइनिंग' के सपने देखने वाला भारत का नया सितारा देश का सबसे प्रभावहीन नेता लगता है।












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