‘आप’ का मेनिस्टो यानी चांद से तारे तोड़ने का वादा
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। आम आदमी पार्टी का दिल्ली चुनाव घोषणा पत्र सुविधाओं के महान राज्य का मानचित्र देता है। लेकिन उन पर आने वाले खर्च की सामान्य गणना भी कर लें तो आपका सिर चकरा जाएगा। अब जरा कल्पना कीजिए कि 500 विद्यालय और 20 डिग्री कॉलेज का खर्चा कितना आएगा। पर आप ने अपने घोषणापत्र में यह वादा किया है सत्ता में आने पर।
निराश करते केजरीवाल
कल भाजपा-अकाली दल के शहदरा से उम्मीदवार जितेन्द्र सिंह शंटी कह रहे थे कि वे पहले अरविंदकेजरीवाल का सम्मान करता था। पर इस बार उनकी पार्टी के मेनिस्टो को देखकर लगता है कि ये लोग बेहद गैर-जिम्मेदार है।
पैसा कहां से आएगा
जमीन जनता मान लिया कि दे देगी,पर दिल्ली के स्तर की डिग्री कॉलेज और विद्यालय, 900 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतराराष्ट्रीय मानक के, 30 हजार बिस्तर अस्पतालों में बढ़ना, 500 सुविधायुक्त बसें, करीब 15 लाख सीसीटीवी कैमरे, न्यायालये सारी योजनाओं को मिला दें तो भारत सरकार के करीब 17 लाख करोड़ बजट के कई गुणा हो जाएगा।
सबको मुफ्त में ले
आप 20 हजार लीटर, पानी मुफ्त देंगी और सभी घरों तक पानी का पाईप भी बिछायेंगी..। मजे की बात देखिए कि इसमें खर्च आयेगा कहां से इसकी चर्चा नहीं है। उल्टे वैट भारत में सबसे कम किया जाएगा, छापा मारने पर भी नियंत्रण होगा। तो होगा कैसे? इसलिए कोई भी व्यावहारिक सोच रखने वाला व्यक्ति इसे एक ऐसे ख्याली सपनों की घोषणा कहेगा जिसकी पूर्ति कभी नहीं हो सकती।
एनजीओवादी राजनीति की यही त्रासदी है कि उसमें इतनी अनावश्यक घोषणायें हो जातीं हैं कि ऐसा लगता है जैसे ये मनुष्य नहीं देवदूत उतर गए हैं, और पूरा राम राज्यकायम कर देंगे ।शेष तो राजनीति में पिद्दी या पिद्दी के शोरबे हैं । सारे केवल बेईमान एवं भ्रष्ट ही नहीं, अक्लहीन, कर्महीन हैं । और इनका आगमन इस पूरी स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव के लिए हुआ है।













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