UP News: प्रेमिका से मिलने का चढ़ा खुमार, युवक ने पहनी फर्जी वर्दी, गांव में रौब झाड़ते पकड़ा गया
UP News: मुजफ्फरनगर के इंचौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को फर्जी उप निरीक्षक बनकर अवैध वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शुभम राणा के रूप में हुई है, जो अंकित विहार, पचेड़ा रोड का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक, शुभम खुद को ग्रेटर नोएडा के दादरी थाने में तैनात उप निरीक्षक बताकर लोगों को भ्रमित करता था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी पुलिस पहचान पत्र, वर्दी और चार स्टार का इस्तेमाल कर लोगों से वसूली की।

छानबीन में शुभम के पास से पुलिस की वर्दी, नेम प्लेट, एक अंगोला शर्ट, पुलिस कैप, फर्जी आईडी कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। उसके खिलाफ इंचौली थाने में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
प्रेम प्रसंग से जुड़ा है पूरा घटनाक्रम
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के अनुसार, आरोपी शुभम राणा एक महिला मित्र से मिलने सैनी गांव पहुंचा था। उसने फर्जी दरोगा बनकर महिला से मिलने के लिए बयान लेने का बहाना बनाया, जिससे संदेह और गहराया।
महिला के परिवार को युवक की हरकतों पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब युवक से पूछताछ की, तो वह अपने झूठ को छिपा नहीं सका और सच्चाई उजागर हो गई।
पहले करता था चौकीदारी, वहीं से मिला विचार
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पूर्व में वन विभाग में चौकीदार के रूप में कार्यरत था। वहां वर्दी पहनकर ड्यूटी करने से उसे नकली दरोगा बनने का विचार आया और उसने पुलिस जैसी वर्दी तैयार कराई।
वर्दी सिलवाने, नेम प्लेट बनवाने और फर्जी आईडी तैयार करवाने की जानकारी भी पुलिस जुटा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इन सामग्रियों की आपूर्ति कहां से और किसके माध्यम से हुई।
तीन लोगों से कर चुका है वसूली
आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने शिवकुमार, सोनू कुमार और सुभाष चंद्र नामक व्यक्तियों से अलग-अलग मौकों पर रुपए वसूले। यह सभी पीड़ित मुजफ्फरनगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पीड़ितों ने जब आरोपी को इंचौली क्षेत्र में देखा, तो उसे पकड़ लिया और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और थाने लाकर कानूनी कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह जांच भी कर रही है कि क्या वह किसी गिरोह से जुड़ा है या अकेले ही काम करता था।












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