पत्नी से प्रताड़ित निशांत त्रिपाठी ने Mumbai में लगाई फांसी, अब मां नीलम ने लिखा बेहद इमोशनल पोस्ट
Mumbai News: अतुल सुभाष की तरह 41 वर्षीय अभिनेता निशांत त्रिपाठी (Nishant Tripathi) ने अपनी पत्नी पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर सुसाइड कर लिया। निशांत त्रिपाठी का शव मुंबई के विले पार्ले स्थित एक होटल में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला है। निशांत अपने सुसाइड नोट में पत्नी और उसकी मौसी को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया।
निशांत त्रिपाठी (Nishant Tripathi) द्वारा सुसाइड किए जाने के एक दिन बाद, उनकी मां नीलम चतुर्वेदी (Neelam Chaturvedi) ने एक लंबा और इमोशनल पोस्ट लिखा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इतना ही नहीं, महिला अधिकार कार्यकर्ता और निशांत की मां नीलम ने अपनी बहू अपूर्वा पारिख और उनकी मौसी प्रार्थना के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

निशांत की मां ने बहू अपूर्वा पारिख (Apoorva Parikh) और उसकी मौसी पर आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए है। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। इस बीच, अपने बेटे निशांत का अंतिम संस्कार करने के बाद मां नीलन चतुर्वेदी ने फेसबुक पर एक लंबी और इमोशनल पोस्ट लिखी।
'मैंने जिंदगी में बहुत संघर्ष किए, लेकिन आज टूट गई हूं'
नीलम चतुर्वेदी ने फेसबुक पर लिखा, 'आज मैं खुद टूट चुकी हूं और एक जिंदा लाश की तरह महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि मेरा बेटा मेरा अंतिम संस्कार करेगा, लेकिन क्या हुआ। मेरी बेटी प्राची को अपने बड़े भाई का अंतिम संस्कार करना पड़ा।' उन्होंने आगे लिखा कि मैंने जिंदगी में बहुत संघर्ष किए, लेकिन आज टूट गई हूं।
'मुझे जिंदा देख रहे हैं, पर मैं तो मर चुकी हूं'
नीलम ने आगे लिखती हैं कि,'आप मुझे एक जिंदा इंसान के रूप में देख रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि मैं मर चुकी हूं। आज मैं खुद को एक जिंदा लाश की तरह महसूस कर रही हूं। मैंने 16 साल की उम्र से लेकर 45 सालों तक पूरी शिद्दत और ईमानदारी के साथ महिलाओं के अधिकारों, समाज में लैंगिक समानता लाने और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई है।'
महिलाओं को दिलाया न्याय
उन्होंने आगे लिखा कि मैंने सखी केंद्र और अन्य माध्यमों से 46 हजार से अधिका पीड़ित महिलाओं की मदद की, 37 हजार से अधिक महिलाओं को न्याय दिलाया। मैंने कभी कोई लालच नहीं किया। ना बैलेंस बनाया, ना संपत्ति जुटाई। मेरी संपत्ति बस लोगों का प्यार और सम्मान था, जो मुझे देश-विदेश तक मिला।
जिंदा लाश बन गई हूं
उन्होंने आगे लिखा कि मेरा बेटा, निशांत मुझे छोड़कर चला गया। मैं अब एक जिंदा लाश बन गई हूं। उसे मेरा अंतिम संस्कार करना था, लेकिन मैंने आज 2 मार्च को "ईको-मोक्ष" मुंबई में अपने बेटे का अंतिम संस्कार किया। मेरी बेटी प्राची ने अपने बड़े भाई का अंतिम संस्कार किया। मुझे और मेरी बेटी प्राची को हिम्मत दो ताकि मैं इतना बड़ा वज्रपात सह सकें।
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