ट्रांसजेंडर प्रिया पाटिल घर-घर जाकर मांग रहीं वोट, कह रहीं पुरुषों और महिलाओं दोनों से हम अच्‍छे

मुंबई में जल्‍द ही बीएमसी पोल के लिए वोट पड़ने वाले हैं। महिलाएं और पुरुष दोनों अपने लिए वोट मांग रहे हैं।

मुंबई। मुंबई में जल्‍द ही बीएमसी पोल के लिए वोट पड़ने वाले हैं। महिलाएं और पुरुष दोनों अपने लिए वोट मांग रहे हैं। पर उन्‍हीं सब के बीच एक मात्र ट्रांसजेंडर प्रत्‍याशी प्रिया पाटिल भी लोगों से खुद को वोट देने की अपील कर रही हैं। प्रिया पाटिल लोगों से कह रही हैं कि भ्रष्‍टाचारी पुरुष और महिला प्रत्‍याशी को हटाने के लिए उन्‍हें वोट दें। बीएमसी चुनावों में एक मात्र ट्रांसजेंडर प्रत्‍याशी के तौर पर प्रिया गली-गली और लोगों के घर-घर जाकर वोट मांग रही हैं। प्रिया वोट मांगने के दौरान लोगों से कहती हैं कि पुरुष ओर महिलाएं दोनों ही भ्रष्‍टाचारी हैं। इसलिए हमें एक मौका दें। मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक बीएससी चुनावों में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए वो कुर्ला के बेल बाजार में जाकर लोगों से वोट मांग रही थी।
बीएमसी पोल: ट्रांसजेंडर प्रिया पाटिल घर-घर जाकर मांग रहीं वोट, कह रहीं पुरुषों और महिलाओं दोनों से हम अच्‍छे

पिछले दो सप्‍ताह के दौरान वो 3500 से ज्‍यादा घरों में जा चुकी हैं। इस दौरान प्रिया के साथ 15 अन्‍य ट्रांसजेंडर और पांच अन्‍य समर्थक रहते हैं। प्रिया पाटिल को बीएमसी चुनावों में नागरिक अधिकार मंच और किन्‍नर मां ट्रस्‍ट जैसे संगठन समर्थन दे रहे हैं।

प्रिया पाटिल इस समय तीन चुनावी रैलियों को संबोधित करने के बारे में विचार कर रही हैं। प्रिया पाटिल को विश्‍वास है कि इस बार मतदाता उनको वोट देंगे, क्‍योंकि वो उनसे अलग वादा कर रही हैं। मैं उनको बता रहीं हूं कि पुरुष और महिलाएं दोनों ही भ्रष्‍टाचारी हैं और इन्‍हीं लोगों ने आप की जिंदगी को कठिन बना दिया है। अगर वो एक बार हमें मौका देंगे तो हम उन्‍हें यह साबित करके दिखा देंगे कि हम भ्रष्‍टाचारी नहीं हैं। हम महिलाओं और पुरुषों दोनों को बेहतर प्रतिनिधित्‍व दे सकते हैं।

प्रिया पाटिल के लिए बीएमसी चुनाव में उतरना इतना आसान नहीं था। प्रिया पाटिल पहले वार्ड नंबर 153 से चुनाव लड़ने की योजना बना रही थीं। पर ओबीसी वर्ग के लिए सीट आरक्षित होने के चलते वो चुनाव नहीं लड़ पाईं। उन्‍होंने बताया कि नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी और यूनियन ऑफ इंडिया के एक जजमेंट में इस बात को साफतौर पर कहा गया था कि ट्रांसजेंडर को ओबीसी प्रमाण पत्र दिया जिा सकता है। पर जब वो राजस्‍व अधिकारी के पास सर्टिफिकेट मांगने गईं तो उन्‍होंने कहा कि ऐसा कोई कानून नहीं है और मुझे सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया। इसके बाद मैंने वार्ड 166 से चुनाव लड़ने का फैसला किया।

एक स्‍थानीय नागरिक स्मिता थोराट ने बताया कि यहां पर दूसरे प्रत्‍याशी जहां पर शराब, पैसा जैसे प्रलोभन दे रहे हैं तो वहीं प्रिया अलग तरीके से लोगों से वोट मांग रही हैं। उन्‍होंने कहा कि हमें नहीं लगता है कि वो हमसे अलग हैं।

प्रिया पाटिल का मुकाबला इस वार्ड में 14 अन्‍य प्रत्‍याशियों से भी हैं। वो न सिर्फ भ्रष्‍टाचार को खत्‍म करने की बात कर रही हैं। बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और बेरोजगारी को भी खत्‍म करने की बात अपने चुनाव प्रचार में कर रही हैं।

प्रिया ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई वसाई स्‍कूल से की है और वो अभी घाटकोपर की निवासी हैं। उन्‍होंने निर्मला निकेतल कॉलेज ऑफ सोशल वर्क से डिप्‍लोमा इन सोशल वर्क में पढ़ाई की है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+