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'गलत है ये रिपोर्ट...', मुरादाबाद को दूसरा सबसे ज्यादा शोर-शराबे वाला शहर बताने पर अफसरों ने दिया जवाब

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मुरादाबाद, 29 मार्च: हाल ही में ध्वनि प्रदूषण (नॉइस पॉल्यूशन) को लेकर यूनाइटेड नेशंस एनवायरोमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) की रिपोर्ट सामने आई हैं। रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया था कि ध्वनि प्रदूषण में दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद जिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुरादाबाद में ध्वनि प्रदूषण 114 डेसीबल है। यह मानव स्वास्थ्य के लिहाज से काफी गंभीर है। हालांकि स्थानीय अधिकारियों ने इन आंकड़ों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने रिपोर्ट को गलत बताया है।

Moradabad Pollution Control Board calls UNs noise pollution report wrong

यूनाइटेड नेशंस एनवायरोमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) की एक रिपोर्ट हाल ही में सामने आईं है उसमें दुनियाभर के उन तमाम शहरों के नाम शामिल हैं, जहां ध्वनि प्रदूषण सबसे अधिक है। इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश के शहर मुरादाबाद का नाम भी शामिल है। जोकि देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण वाले शहरों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर है। रिपोर्ट में मुरादाबाद के अलावा भारत के सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण वाले शहरों में जयपुर, कोलकाता, आसनसोल और दिल्ली को भी शामिल किया गया है।

दिल्ली में 83, जयपुर में 84, कोलकाता और आसनसोल में 89-89 डेसीबल ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि 70 डेसीबल से अधिक ध्वनि प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। हालांकि स्थानीय अधिकारियों ने इन आंकड़ों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने रिपोर्ट को गलत बताया है। क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि पिछले पांच माह का औसत ध्वनि प्रदूषण दिन के समय 72.4 डेसीबल और रात के समय 61.7 डेसीबल है।

यूएन की रिपोर्ट को बताया गलत
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विकास मिश्र ने यूएन की रिपोर्ट को गलत बताया है। उनका कहना है कि यहां इस तरह के डेटा को मापने के लिए (यूएनईपी) द्वारा कोई सेंसर स्थापित नहीं किया गया है, न ही हमें इस तरह की निगरानी के बारे में हमें कोई जानकारी मिली है। हमारे पास उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कहीं से भी यह प्रदर्शित नहीं हो रहा है कि मुरादाबाद में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति बहुत खराब है। हम अपने कार्य के लिए जिम्मेदार हैं और हमारे पास ध्वनि प्रदूषण से संबंधित मुरादाबाद का पूरा डाटा है। यदि प्रशासन और शासन द्वारा हमसे कभी भी जवाब मांगा जाएगा तो हम जवाब देंगे कि यूएन की रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है।

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चार स्थानों पर लगाया गया है ध्वनि मापने वाला यंत्र
क्षेत्रीय कार्यालय उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मुरादाबाद में चार स्थानों जिला अस्पताल (शांत क्षेत्र), बुद्धि विहार (आवासीय कालोनी), बुध बाजार (वाणिज्यिक क्षेत्र) एवं लाकड़ी फाजलपुर (औद्योगिक क्षेत्र) में प्रति माह ध्वनि गुणवत्ता मापी जाती है। अक्तूबर 2021 से फरवरी 2022 तक जिला अस्पताल की औसत ध्वनि तीव्रता दिन के समय 62.1 डीबी, रात के समय 41.9 डीबी, बुद्धि विहार में दिन के समय 64.2 डीबी, रात के समय 51.4 डीबी, बुध बाजार में दिन के समय 67.2 डीबी और रात के समय 61 डीबी, लाकड़ी फाजलपुर में दिन के समय 72.4 डीबी और रात के समय 61.7 डीबी पाई गई।

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English summary
Moradabad Pollution Control Board calls UN noise pollution report wrong
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