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रेमडेसिविर इंजेक्शन और फैबिफ्लू टेबलेट की कालाबाजारी करने वाले चार गिरफ्तार, चारों निकले कोरोना पॉजिटिव

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मुरादाबाद, अप्रैल 29: कोरोना वायरस संक्रमण का कहर अभी जारी है। तो वहीं, रेमडेसिविर इंजेक्शन और फैबिफ्लू टेबलेट की कमी के चलते कोरोना मरीज दम तोड़ रहे है। इस बीच मुरादाबाद पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन और फैबिफ्लू टेबलेट की कालाबाजारी करने वाले गैंग का खुलासा किया है। कालाबाजारी करने वाले गैंग का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो निजी अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन और फैबिफ्लू टैबलेट चोरी कर बेचते थे। पकड़े गए आरोपियों में एक आरोपी टीएमयू मेडिकल कॉलेज, एक कॉसमॉस अस्पताल का कर्मचारी है, जबकि दो अन्य ब्राइट स्टार अस्पताल के कर्मचारी हैं। जबकि पांचवां आरोपी ब्राइट स्टार अस्पताल का मार्केटिंग एग्जिक्यूटिव है।

Four people were arrested in Moradabad for their alleged involvement in black marketing of Remdesivir

सहायक पुलिस अधीक्षक अनिल यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुरादाबाद पुलिस की ओर से एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया था। साथ ही लोगों से अपील की गई थी कि कहीं कोई इंजेक्शन या ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी करता है तो इसकी सूचना पुलिस को दें। ब्राइट स्टार अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज के भाई ने व्हाट्सएप पर सूचना दी थी कि अस्पताल का कर्मचारी उन्हें 25 हजार रुपए में रेमडेसिविर इंजेक्शन बेच रहा है। सूचना पर अस्पताल के बाहर पहुंची पुलिस टीम और एसओजी ने एक आरोपी कामरान को पकड़ लिया। उसने पूछताछ में बताया कि वह ब्राइट स्टार अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ में कार्यरत है।

पूछताछ में उसने गिरोह में शामिल अन्य लोगों के नाम भी उगले। पुलिस ने दबिश देकर तीन अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया। एएसपी ने बताया कि कामरान, सद्दाम हुसैन और पीयूष जीवन है। एएसपी ने बताया कि कामरान जरूरत पड़ने पर कॉसमॉस में नर्सिंग स्टाफ के पद पर कार्यरत सद्दाम हुसैन से रेमेडिसिविर इंजेक्शन और दवाएं लेता था। इसके बाद रेमेडिसिविर इंजेक्शन को जरूरतमंद लोगों को 25 हजार रुपए में बेच देता था। पीयूष ब्राइट स्टार अस्पताल में ही प्रोमोटिंग एग्जीक्यूटिव है। वह टीएमयू में कार्यरत जीवन से भी रेमेडिसिविर इंजेक्शन और फैबिफ्लू की टैबलेट खरीदकर जरूरतमंद लोगों को महंगे दामों में बेचते थे।

पांचवां साथी रिक्की ठाकुर बिलारी में नई सड़क का रहने वाला है। पुलिस का दावा है कि रिक्की ठाकुर ब्राइट स्टार अस्पताल में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव का काम करता है। रिक्की कोरोना संक्रमित है, इसलिए वह ब्राइट स्टार अस्पताल में अपना इलाज करा रहा है। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों की कोरोना जांच कराई गई थी। इसमें चारों संक्रमित पाए गए थे। दोबारा जांच कराने पर दो आरोपी पीयूष और जीवन की रिपोर्ट निगेटिव आई है। मझोला थाना प्रभारी मुकेश शुक्ला ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 379, 411, 10/18ए/27 औषधि व प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940, 96 औषधि व प्रसाधन अधिनियम 1945, 52/53 आपदा प्रबंधन अधिनियम और तीन महामारी अधिनियम 1897 के तहत केस दर्ज किया गया है।

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किसी को खरीदनी थी कार तो किसी को देना था प्रेमिका को महंगा गिफ्ट
पकड़े गए कामरान, सद्दाम, पीयूष और जीवन कम समय में अमीर बनना चाहते थे। उनकी इस चाह ने ही सभी को सलाखों के पीछे भिजवाया दिया। कोई कालाबाजारी कर कमाए गए रुपयों से लग्जरी कार खरीदना चाहता था तो कोई प्रेमिका के लिए डायमंड की रिंग गिरफ्ट करना चाहता था।

English summary
Four people were arrested in Moradabad for their alleged involvement in black marketing of Remdesivir
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