बच गया मेरठ, नहीं तो यह भी बन जाता मुजफ्फरनगर

सरदना के खेड़ा गांव में संगीत सोम पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाए जाने और उनकी गिरफ्तारी के विरोध में महापंचायत आयोजित की जा रही थी। जिला प्रशासन की रोक के बावजूद खेड़ा और आस-पास के करीब चार हजार लोग इसके लिए एकत्र हुए थे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। सोम सरदना से विधायक हैं। महापंचायत के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया और पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर आगजनी की।
पुलिस ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस की तरफ से हवा में गोलिया चलाई गईं और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। खबर है कि मौके पर तैनात अर्धसैनिक बल और पुलिस के जवानों ने भीड़ को पंचायत स्थल से खदेड़ दिया है, लेकिन लोग आस-पास के गावों में झुंड में मौजूद हैं। मेरठ के जिलाधिकारी रनदीप रिनवा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सहित जिले के सभी वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
कोई भी पुलिस अधिकारी घटना को लेकर मीडिया से बात नहीं कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक घटना में एक व्यक्ति के मारे जाने और तीन चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सवाल उठ रहा है कि प्रशासनिक रोक और खेड़ा गांव व आस-पास में 32 कंपनी अर्धसैनिक बल और भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में भीड़ वहां कैसे पहुंच गई।












Click it and Unblock the Notifications