RPF Dog Don : मथुरा RPF में 7 साल की सेवा के बाद रिटायर 'डॉन' हुआ उदास, आरपीएफ कर्मियों की आंखें भी नम
7 साल तक RPF में राजपत्रित अधिकारी के पद पर तैनात रहा डॉन नए घर में जाने से पहले उदास नजर आया।
मथुरा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में तैनात डॉग 'डॉन' से अपराधी थर-थर कांपते थे। सात साल तक रेलवे सुरक्षा बल में राजपत्रित अधिकारी के पद पर तैनात रहा डॉन अब रिटायर्ड हो गया है। मेडिकल अनफिट होने की वजह से डॉन की नीलामी कर दी गई है। नए घर और नए मालिक के पास जाने से पहले डॉन उदास नजर आया। उसके जाने से आरपीएफ कर्मियों की आंखें भी नम हो गई।

दो साल की उम्र में RPF में लाया गया था डॉन
आरपीएफ के आर. वर्मा ने बताया कि डॉग डॉन जब आरपीएफ में लाया गया, तब उसकी उम्र दो महीने थी। साल 2016 में वह आरपीएफ के डॉग स्क्वायड में शामिल हुआ। तमिलनाडु में छह महीने तक डॉन को विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया। डॉन ने आरपीएफ के कई मामलों में मदद की। डकैती और चोरी के मामलों को सुलझाने में इसका इस्तेमाल किया गया। डॉन की मदद से कई आपराधिक मामलों का खुलासा हुआ। कई अपराधी पकड़वाए।

डॉन को मथुरा में मिला नया आसरा
मेडिकली अनफिट होने की वजह से आरपीएफ ने मंगलवार को कागजी औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद रिटायरमेंट के साथ ही नीलामी की गई। इसके बाद उसे मथुरा में एक नया आसरा मिल गया है, जहां अब डॉन नए लोगों के साथ अपना समय बिताएगा।

डाइट और देखभाल में हर महीने खर्च होते थे 10 हजार रुपए
बता दें, डॉन की देखभाल और डाइट के लिए हर महीने 10 हजार का खर्च किए जाते थे। बाकी सुविधाएं एक राजपत्रित अधिकारी के जैसे ही मिलती थीं। डॉन को कमांड देने वाले हैंडलर एएसआई राम गोपाल ने बताया कि 'डॉन' की रीढ़ की हड्डी में कुछ दिक्कत हुई, जिसके बाद 12 सितंबर 2022 को उसे मेडिकली अनफिट कर दिया। उसे जंप करने और दौड़ने में परेशानी होती थी।












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