कलयुगी पिता ने बनाया 6 वर्षीय बेटी को हवस का शिकार, अदालत ने 40 दिन में दी आजीवन कारावास की सजा
कहते हैं एक बेटी के लिए उसके पिता ही उसके सुपर हीरो होते हैं। लेकिन मथुरा से सामने आई इस घिनोनी वारदात ने तो जैसे इस कहावत को ही शर्मसार कर दिया। वहीं महज 40 दिन में ही इस कलयुगी पिता को आजीवन कारावास की सजा हुई है।

उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक कलयुगी पिता को अदालत ने गुरुवार को नाबालिग बेटी से बलात्कार के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला महज चालीस दिन के अंदर सुनाया है। बता दें कि बीते 14 जनवरी 2023 को 6 वर्षीय मासूम की माँ की तहरीर पर बलात्कारी पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट विपिन कुमार की अदालत ने आजीवन कारावास के साथ-साथ 55 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है।

बलात्कारी पिता ने की हैवानियत की हदें पार
इस केस की सरकार की ओर से पैरवी कर रहीं स्पेशल डीजीसी पोक्सो कोर्ट श्रीमती अलका उपमन्यु एडवोकेट ने बताया कि पीड़िता की माँ ने थाना रिफाइनरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि 14 जनवरी 2023 को पीड़िता की माँ अपनी दुकान पर थी। शाम करीब 7 बजे उसका पति मंडी से वापस आया। उन्होंने बताया कि उस वक्त बच्चे उनके साथ ही थे। लेकिन पति बच्चों को लेकर दुकान से घर से घर आ गया। इसके बाद जब शाम को तकरीबन 9:30 बजे पीड़िता की माँ घर पहुंची, तो देखा कि बेटी का चेहरा लाल हो रहा था। जब 6 वर्षीय मासूम बेटी से उसने पूछा तो उसने बताया कि पापा ने मारा है।
पापा ने गन्दा काम किया है: पीड़ित मासूम
लेकिन जब दूसरे दिन बेटी से उसकी माँ ने फ्रेश होने को कहा तो उसने माँ को बताया कि उसे बहुत दर्द हो रहा है। जब माँ ने बेटी के कपड़े उतार कर देखा तो उसके कपड़े खून से लथपथ थे। यह देख पीड़िता की माँ के होश उड़ गए। जिसके बाद बेटी ने माँ को बताया कि पापा ने उसके साथ गन्दा काम किया है। माँ ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी बेटी के साथ उसके पति हरेंद्र ने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया है। वहीं पुलिस ने पीड़िता की माँ की तहरीर पर थाना रिफाइनरी में पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया।

Recommended Video

कलयुगी पिता को आजीवन कारावास
गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट विपिन कुमार ने सुनवाई करते हुए अभियुक्त हरेंद्र को आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए) तथा पच्चास हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड अदा न करने पर अभियुक्त अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतेगा। अभियुक्त द्वारा जेल में बितायी गयी अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। वहीं बलात्कारी पिता पर अधिरोपित अर्थदण्ड की आधी धनराशि पीड़िता की मां को प्रदान के आदेश दिए हैं।












Click it and Unblock the Notifications