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क्यों घर-घर जाकर कोविड का टीका लगाना मुमकिन नहीं, केंद्र ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया

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मुंबई, 21 अप्रैल: केंद्र सरकार ने बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट से साफ कह दिया है कि घर-घर जाकर कोरोना वायरस से बचाव का टीका लगाना संभव नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी सत्येंद्र सिंह ने इसको लेकर अदालत में एफिडेविट देकर वह तमाम कारण बताए हैं, जिसके चलते ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं हो सकता। केंद्र सरकार की ओर से इसको लेकर हाथ खड़े करने की जो सबसे बड़ी वजह बताई गई है वो ये है कि इससे वैक्सीन के खराब होने, बर्बाद होने और उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बहुत ज्यादा है।

door to door covid 19 vaccination is not possible,Central government has given reason in affidavit filed in Bombay High Court

30 मिनट के निगरानी प्रोटोकॉल का पालन मुश्किल

यही नहीं केंद्र सरकार की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि 'अगर टीकाकरण के बाद कोई एडवर्स इवेंट का मामला सामने आता है तो उसे संभालना मुश्किल हो सकता है और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में देरी हो सकती है। गौरतलब है कि कोविड वैक्सिनेशन प्रोटोकॉल के तहत मरीज को 30 मिनट तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाता है और घर पर टीका लगाने की स्थिति में इस तरह की निगरानी कर पाना बहुत बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। घर-घर टीकाकरण से टीके के खराब होने की आशंका भी ज्यादा है, क्योंकि हर घर में वैक्सीन कंटेनर को बाहर निकालना पड़ेगा, जिससे उसका असर प्रभावित हो सकता है।'

गुरुवार को हो सकती है सुनवाई

एफिडेविट में इस बात का भी जिक्र है कि 'इससे टीकाकरण अभियान ज्यादा लंबा होगा जाएगा, जिससे इसकी बर्बादी की संभावना भी बढ़ जाएगी। राज्यों की मांग पर ज्यादा टीकाकरण केंद्र को मंजूरी दी गई है, खासकर वरिष्ठ नागरिकों क ध्यान में रखते हुए।' वैक्सिनेशन के रजिस्ट्रेशन के बारे में इसमें कहा गया है कि लोग पहले से भी रजिस्टर करा सकते हैं और टीका केंद्र पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। केंद्र सरकार की ओर से यह जवाब मुंबई के दो वकीलों की ओर से दायर जनहित याचिका पर दिया गया है। उन्होंने मांग की थी कि 75 वर्ष से ज्यादा के लोगों, बिस्तर पर पड़े या व्हीलचेयर के सहारे रहने वालों का घर पर ही टीकाकरण किया जाए। बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जीएस कुलकर्णी की बेंच इस पीआईएल पर गुरुवार को सुनवाई कर सकती है। गौरतलब है कि देश में बुधवार तक कोरोना वैक्सीन की 13 करोड़ से ज्यादा डोज लगाई जा चुकी है और इतनी ज्यादा संख्या में वैक्सीन लगाने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है।

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English summary
door to door covid 19 vaccination is not possible,Central government has given reason in affidavit filed in Bombay High Court
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