निकाय चुनाव शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की MNS साथ लड़ सकती हैं! किसे होगा लाभ?
Raj Thackeray-Uddhav Thackeray: शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुखों, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। संजय राउत ने अब एक ऐसा बयान दिया हे जिसके बाद दोनों पार्टियों के साथ निकाय चुनाव लड़ने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
महाराष्ट्र के स्कूलों में कक्षा पांचवीं तक हिंदी को तीसरे विषय के रूप में पढ़ाए जाने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले के खिलाफ शिवसेना (UBT) और मनसे एक साथ आ गए और इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। दोनों ही पार्टियों ने इसे मराठी भाषा पर हिंदी को थोपने का प्रयास बताया है और इस फैसले के खिलाफ मिलकर सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

संजय राउत ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि वे जनता के साथ मिलकर सरकार के इस आदेश को जलाएंगे। ये विरोध प्रदर्शन का मुख्य कार्यक्रम मुंबई में आयोजित किया जाएगा, जिसमें उद्धव ठाकरे स्वयं भाग लेंगे। राउत ने यह भी कहा कि MNS प्रमुख राज ठाकरे भी मराठी अस्मिता को आगे बढ़ाने के लिए इस विरोध में शामिल होंगे। इसके साथ ही संजय राउत ने निकाय चुनाव में दोनों पार्टियों के साथ आने के भी संकेत दिए हैं।
संजय राउत ने राज और उद्दव के साथ आने को लेकर क्या कहा?
जब संजय राउत से यह सवाल किया गया कि क्या राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के एक साथ मंच साझा करने का मतलब यह है कि वे राजनीतिक रूप से भी साथ आ सकते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "दोनों अलग-अलग पार्टियों में हैं, लेकिन अगर वे मराठी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आ रहे हैं, तो इसका क्या मतलब है? क्या यह एक राजनीतिक गठबंधन नहीं है?"
गौरतलब है कि राज ठाकरे ने पहले भी नगर निगम चुनावों में साथ मिलकर लड़ने का आह्वान किया था, जिसे उद्धव ठाकरे ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया था। इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए समीकरण की संभावना बढ़ गई है, जिसमें मराठी अस्मिता एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है।
उद्धव और राज के साथ आने से किसे होगा लाभ?
- MNS और शिवसेना यूटीबी के साथ आने से दोनों ही पार्टियों को मराठी मानुष की राजनीति में एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिलेगा। दोनों पार्टियों साथ आती हैं तो भाजपा की मराठी वोटों को लेकर की गई प्लानिंग प्रभावित होगी लेकिन मनसे का वोट बैंक मुंबई, ठाणे, नासिक जैसे क्षेत्रों तक सीमित है।
- दोनों पार्टियों का गठबंधन होगा तो उसके पारंपरिक वोटर को भी ये समझना होगा कि अतीत में उद्धव ठाकरे और उसकी पार्टी की आलोचना करने वाले राज ठाकरे क्यों साथ जा रहे हैं? ऐसी स्थिति में भ्रम पैदा हो सकता है। जिसका लाभ महायुति में शामिल भाजपा, शिंदे गुट या कांग्रेस-राष्ट्रवादी को मिल सकता है।
- MNS और शिवसेना यूटीबी के साथ आने से महायुति गठबंधन को लाभ हो सकता है। एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे अपना पाला बदलने रहते हैं कभी मोदी समर्थक, कभी विरोध में, कभी हिन्दुत्व के मुद्दों पर आक्रामक, तो कभी चुप्पी साध लेते हैं। इससे दोनों के साथ आने को हो सकता है वोटर्स गंभीरता से ना लें।
-
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’ -
Iran War Impact: क्या महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर? संसद में PM मोदी ने दिया बड़ा अपडेट -
Bangalore Gold Silver Rate Today : सोना-चांदी धड़ाम, बैंगलोर में कहां पहुंचा ताजा भाव? -
US Iran War: ईरान ने की Trump की घनघोर बेइज्जती, मिसाइल पर फोटो, लिखी ऐसी बात कि लगेगी मिर्ची- Video -
LPG Crisis: 14.2 किलो के सिलेंडर में अब सिर्फ इतनी KG ही मिलेगी गैस! LPG किल्लत के बीच सरकार ले सकती है फैसला -
Petrol Shortage In Ahmedabad: अहमदाबाद में पेट्रोल पंप पर लगी लंबी लाइन, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट -
Ravindra Kaushik कौन थे? Dhurandhar क्यों कहलाए? Pakistan में कैसे मेजर बना भारत का जासूस? जेल में गुमनाम मौत -
PM Modi Speech Highlights: संसद में गरजे PM मोदी, Hormuz Strait पर दिया बड़ा बयान, भारत का बताया प्लान -
West Bengal Election 2026: बंगाल की ये 7 सीटें बना सकती हैं नया CM! जहां हार-जीत का अंतर 1000 वोट से भी था कम












Click it and Unblock the Notifications