महाराष्ट्र में क्या छिनने वाली है एकनाथ शिंदे से सीएम की कुर्सी? आनन- फानन में पहुंचे दिल्ली
Shinde's 'Sudden' Delhi Trip: महाराष्ट्र में एनसीपी नेता अजित पवार के महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के बाद से एकनाथ शिंदे से मुख्यमंत्री की कुर्सी छिनने की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं एक बार फिर शनिवार को शिंदे से सीएम पद छिनने की अटकलें तेज हो चुकी है।
इसकी वजह है कि एकनाथ शिंदे आनन-फानन में दिल्ली आलाकमान के साथ मिलने वाले हैं।

न्यूज18 के सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शनिवार को दिल्ली भाजपा नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। शिंदे की अचानक दिल्ली यात्रा ने नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
याद रहे जुलाई महीने की शुरूआत में ही चाचा शरद पवार से बगावत कर महाराष्ट्र सरकार में शामिल हुए अजित पवार के आने के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में अशांति होने की खबरें आ रही हैं।
हालांकि जुलाई महीने की शुरूआत में ही शिंदे ने ऐसी अटकलों को खारिज कर दिया था कि उनके गुट के नेता अजित पवार की एनसीपी के सरकार में शामिल होने से नाखुश हैं। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार में पवार के शामिल होने से उनकी सरकार में कोई भी नाखुश नहीं है।एकनाथ शिंदे ने तब कहा था कि ये विपक्षी द्वारा फैलाई गई अफवाहें बताया था। जबकिे अजित पवार और एनसीपी के आठ विधायकों के उनके वर्षों पुराने राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद उनकी मुख्यमंत्री पद की कुर्सी खतरा बताया जा रहा था।
बता दें शिवसेना विधायकों ने अजित पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी विधायकों के सरकार में शामिल होने पर चिंता जताई थी। हालांकि इसके ठीक बाद सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना विधायकों, एमएलसी और सांसदों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।
दरअसल शिंदे का शिवसेना गुट और उसके विधायक उस समय से ज्यादा घबराए हुए हैं जब से अजित पवार ने मुख्यमंत्री बनने की इच्छा व्यक्त करते हुए टिप्पणी की थी जिसके बाद हलचल मची।
वहीं विधानसभा अध्यक्ष के शिंदे गुट के विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की शिकायत को लेकर पर किए जाने वाले फैसले के इंतजार को देखते हुए भी शिंदे गुट घबराया हुआ है। उद्धव ठाकरे शिवसेना गुट के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में की गई शिकायत के बाद सर्वोच्चय न्यायालय ने भी शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता मामले में फैसला लेने में देरी को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से जवाब मांगा है। जिसके बाद माना जा रहा है कि शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता वाले मुद्दे पर जल्द फैसला आ सकता है, जिस कारण भी शिंदे गुट डरा हुआ है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र एनसीपी नेता अजीत पवार लगभग 30 विधायकों को लेकर 2 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए हैं और राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जिनमें से आठ सीएम एकनाथ शिंदे के मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं।












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