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सहकारिता मंत्रालय: शरद पवार बोले- केंद्र को विधानसभा द्वारा पारित कानूनों में हस्तक्षेप का अधिकारी नहीं

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मुबंई, 11 जुलाई। हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट में बड़े फेरबदल के बाद नए चेहरों को मंत्रिपद पर बिठाया गया है। इसके साथ ही एक नया को-ऑपेशन (सहकारिता) मंत्रालय का गठन किया गया जिसकी कमान गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में सौंपी गई है। अभी सहकारिता मंत्रालय का कामकाज शुरु भी नहीं हुआ था कि विपक्षी दलों ने इसे राज्यों का मामला मानते हुए संघवाद के खिलाफ बताया है। रविवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र से संबंधित कानून महाराष्ट्र विधानसभा में बनाए गए हैं। केंद्र को महाराष्ट्र विधानसभा द्वारा तैयार किए गए कानूनों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

    Co-operation Ministry: Sharad Pawar बोले- सहकारी आंदोलन नहीं होगा प्रभावित | वनइंडिया हिंदी
    Sharad Pawar said Center has no right to interfere in the laws passed by the Assembly

    शरद पवार के इस बयान के बाद एक बार फिर से केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय को लेकर विपक्ष में हलचल मच गई है, कई राजनीतिक पार्टियों ने पवार के इस बयान को अपना समर्थन दिया है। पवार ने बारामती के गोविंद बाग स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा, जो चर्चा हो रही है कि केंद्र सरकार का नया सहकारिता विभाग महाराष्ट्र में सहकारिता आंदोलन को बाधित करेगा, व्यर्थ है। देश के राज्य संविधान के अनुसार, प्रदेश में सहकारी कानून बनाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसी के आधार पर महाराष्ट्र विधान सभा ने कानून बनाए हैं।

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    उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को विधानसभा द्वारा पारित कानूनों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। हालांकि, मल्टीस्टेट बैंक केंद्र के दायरे में हैं, इसलिए सहकारिता मंत्रालय कोई नया विषय नहीं है। मैं दस साल तक कृषि विभाग का प्रभारी रहा तब भी यह एक विषय था। एसी बहु-राज्य सहकारिता संस्थाएं जो दो राज्यों में चलती है उनका अधिकारी केंद्र सरकार के पास जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2013 में गुजरात हाई कोर्ट ने भी 97वें संविधान संशोधन की कुछ बातों को खारिज करते हुए कहा था कि केंद्र सहकारी संस्थाओं से जुड़े नियम नहीं बना सकता क्योंकि यह पूरी तरह राज्य का मामला है।

    English summary
    Sharad Pawar said Center has no right to interfere in the laws passed by the Assembly
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