85 साल के राजनीति से संन्यास लेंगे शरद पवार? अस्पताल में भर्ती होते ही तेज हुई चर्चा, पार्टी ने साफ किया सच
Sharad Pawar Retirement: महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अनुभवी चेहरों में से एक शरद पवार को लेकर एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल तेज है। 85 वर्षीय नेता के अस्पताल में भर्ती होने के बाद यह अटकलें जोर पकड़ने लगीं कि क्या वह सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने जा रहे हैं। लेकिन इन चर्चाओं के बीच उनकी पार्टी की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।
शरद पवार अस्पताल में भर्ती, स्वास्थ्य को लेकर चिंता
शरद पवार को लगातार कमजोरी और गंभीर खांसी की शिकायत के बाद पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम उनकी निगरानी कर रही है। सांस लेने में तकलीफ की भी जानकारी सामने आई है। इससे पहले 9 फरवरी को भी खांसी की वजह से उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया था, हालांकि तब हालत में सुधार के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था।

उनकी बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि आगे की जांच और हाइड्रेशन के लिए उन्हें अस्पताल में रखा गया है और डॉक्टरों का आभार जताया।
क्या शरद पवार रिटायरमेंट की तैयारी में है? (Sharad Pawar Retirement Speculation)
बीते कुछ समय से यह चर्चा चल रही है कि मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद पवार सक्रिय संसदीय राजनीति से दूरी बना सकते हैं। अप्रैल में महाराष्ट्र से राज्यसभा के सात सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, जिनमें पवार भी शामिल हैं। राज्यसभा सदस्यों का चुनाव विधायकों द्वारा किया जाता है, इसलिए सियासी समीकरणों पर भी नजर है।
हालांकि एनसीपी शरद पवार गुट के नेता अंकुश काकडे ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई है। उनके मुताबिक, राज्यसभा के अगले कार्यकाल को लेकर जो भी फैसला होगा, वह केवल शरद पवार ही लेंगे। सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की कोई आधिकारिक जानकारी पार्टी को नहीं है।
विधानसभा गणित क्या कहता है? (Political Math)
महाराष्ट्र की सियासत का अंकगणित भी इस बहस को हवा दे रहा है। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ( BJP) शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं, के पास 232 विधायक हैं। ऐसे में गठबंधन छह सीटें जीत सकता है।
वहीं एनसीपी शरद पवार गुट समेत संयुक्त विपक्ष के पास 48 विधायक हैं, जिससे वे मुश्किल से एक सीट ही निकाल पाएंगे। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
शरद पवार को पहले भी हो चुका है कैंसर
हाल ही में विमान दुर्घटना में अपने भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद पवार लगातार मुंबई, बारामती और पुणे के बीच आ-जा रहे थे। पारिवारिक सदमे और बढ़ती उम्र का असर उनकी सेहत पर भी पड़ा है।
शरद पवार का 2004 से पहले मुख कैंसर का ऑपरेशन हो चुका है। इसके बाद भारत और अमेरिका में इस बीमारी से जुड़ी कई सर्जरी भी करवाई गई थीं। पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां लगातार बनी रही हैं।
फिलहाल क्या है सच्चाई?
स्पष्ट तौर पर देखें तो रिटायरमेंट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पार्टी की तरफ से साफ कर दिया गया है कि फैसला पूरी तरह पवार पर निर्भर है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद जरूर चर्चाएं तेज हुई हैं, लेकिन राजनीतिक तौर पर उन्होंने अभी कोई संकेत नहीं दिया है कि वह सक्रिय राजनीति से हट रहे हैं।
फिलहाल समर्थकों और कार्यकर्ताओं की नजर उनकी सेहत और आगामी फैसले पर टिकी है। महाराष्ट्र की राजनीति में उनका अनुभव और प्रभाव आज भी उतना ही अहम माना जाता है। आने वाले हफ्तों में राज्यसभा को लेकर उनका रुख तय करेगा कि क्या यह सिर्फ अफवाह है या किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत।












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