शिवाजी महाराज की मूर्ति टूटने पर बवाल, शरद पवार बोले- राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं कर सकती इनकार
Maharashtra News: महाराष्टर् के सिंधुदुर्ग जिले के राजकोट में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा गिर गई। मूर्ति गिरने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया। इस बीच, NCP-SCP प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने इस घटना को लेकर शिंदे सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला बोला है।
दरअसल, मुंबई में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री पर महा विकास अघाड़ी (MVA) की बुधवार 28 अगस्त को बैठक हुई। इस बैठक में NCP-SCP प्रमुख शरद पवार, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले भी शामिल हुए। बैठक के बाद तीनों पार्टियों के नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंधुदुर्ग में शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति टूटने पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, 'जब कोई प्रधानमंत्री किसी मूर्ति का उद्घाटन करता है तो उसे प्रमाणित किया जाना चाहिए। लेकिन, लोकसभा चुनाव के कारण जल्दबाजी में इसका उद्घाटन किया गया। उन्होंने अपराध किया है।'
वहीं, NCP-SCP प्रमुख शरद पवार ने कहा, 'राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकती क्योंकि जब भी कोई मूर्ति बनाई जाती है, तो राज्य के अधिकारियों से अनुमति लेना आवश्यक होता है।' इस दौरान उद्भव ठाकरे ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार से लिप्त सरकार चल रही है।
स्मारक के काम में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ। इसे फिर से बनाने के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार होगा। कामकाज में कीड़े लग गए हैं। मैं इन्हें शिवद्रोही कहूंगा। इतना ही नहीं,उद्धव ने कहा कि प्रतिमा गिरने के विरोध में 1 सितंबर को MVA का मुंबई के हुतात्मा चौक पर आंदोलन होगा।












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