Maharashtra में Rajya Sabha की जंग हुई तेज, कौन हैं BJP के चार नेता जो जाएंगे राज्यसभा? सीएम लगाएंगे मोहर
Rajya Sabha Elections 2026: महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों के लिए सियासी हलचल चरम पर है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर चुकी है। 24 फरवरी को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर कोर कमेटी की आयोजित हो रही बैठक में इन चार नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है।
विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से महायुति छह सीटें जीतने की स्थिति में है, जबकि महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के खाते में एक सीट लगभग तय मानी जा रही है।

BJP के चार संभावित चेहरे कौन?
बीजेपी चार उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। एक सीट के लिए केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का नाम तय माना जा रहा है। बाकी तीन सीटों पर कड़ा मुकाबला है। संगठन में सक्रिय रहे विनोद तावड़े, महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष विजया रहाटकर और नेता धैर्यशील पाटील के नाम चर्चा में हैं।
महायुति गठबंधन में कौन नेता हैं आगे?
बीजेपी के अलावा महायुति गठबंधन की सहयोगी पार्टी भी अपने नेता राज्यसभा में भेजने के लिए आतुर हैं। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद बारामती उपचुनाव की अटकलें हैं, और ऐसे में दिवंगत अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार को राज्यसभा भेजे जा सकता है।
वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ओर से पूर्व सांसद राहुल शेवाले का नाम लगभग तय माना जा रहा है। वरिष्ठ नेता गजानन कीर्तिकर भी इच्छुक हैं, लेकिन उम्र को लेकर पार्टी में उत्साह कम बताया जा रहा है। सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने संकेत दिए हैं कि अंतिम घोषणा जल्द होगी।
MVA में है तगड़ी खींचतान
महाविकास आघाड़ी की एक सीट को लेकर कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) आमने-सामने हैं। हालांकि इस समीकरण की चाबी शरद पवार के हाथ में मानी जा रही है। 85 वर्षीय पवार फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में हैं और अगला चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है।
राष्ट्रवादी (शरद गुट) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि सभी चाहते हैं कि शरद पवार राज्यसभा जाएं, लेकिन अंतिम फैसला उनके स्वास्थ्य और सहमति पर निर्भर करेगा।
राज्यसभा चुनाव: किसके पास कितना है दम?
एमवीए के पास कुल 46 विधायक हैं-राष्ट्रवादी (शरद गुट) के 10, शिवसेना (उद्धव गुट) के 20 और कांग्रेस के 16। एक सीट के लिए 37 प्रथम वरीयता मत जरूरी हैं, यानी एमवीए के पास 9 अतिरिक्त वोट हैं। लेकिन अगर भीतरघात या क्रॉस वोटिंग होती है, तो समीकरण बदल सकते हैं और इसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है।
बदलते राजनीतिक हालात में राज्यसभा चुनाव हुआ रोचक
राज्यसभा का यह चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब प्रदेश की राजनीति में कई बड़े बदलावों की चर्चा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के संभावित समीकरण और सहयोगी दलों की रणनीति इस चुनाव को और रोचक बना रही है।
वर्तमान हालात में बीजेपी के चार, शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस के एक-एक तथा एमवीए के एक उम्मीदवार की जीत की संभावना जताई जा रही है-लेकिन अंतिम फैसला विधायकों के मत और रणनीतिक चालों पर निर्भर करेगा।












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