मराठा आंदोलन को लेकर फिर भड़की आग, सड़कों पर जलाए टायर, शिंदे कैंप के सांसद ने दिया इस्तीफा
मराठा आरक्षण को लेकर मंगलवार को भी महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में उग्र प्रदर्शन देखने को मिला।प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पुणे शहर में मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायरों में आग लगाकर रास्ता रोक दिया। वहीं शिंदे कैंप के एक औऱ सांसद ने इस्तीफा दे दिया है।
बता दें कि, मराठा समुदाय के लोग अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र के पुणे शहर में नवले पुल के पास पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर टायर जलाए। जिसके चलते प्रदर्शन स्थल के पास वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। हालांकि बाद में पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर यातायात आंशिक रूप से बहाल हो गया है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे से फोन पर बात की। उन्होंने कैबिनेट बैठक में मराठा आरक्षण पर ठोस फैसले का आश्वासन दिया।
इसी बीच आज हुई महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में मराठा समुदाय को आरक्षण देने को लेकर बनाई गई जस्टिस संदीप शिंदे समिति की अंतरिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। कैबिनेट बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पिछड़ा वर्ग आयोग मराठा समुदाय की सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति का आकलन करने के लिए ताजा अनुभवजन्य डेटा एकत्र करेगा।
उधर महाराष्ट्र में चल रहे मराठा आरक्षण विवाद के बीच एकनाथ शिंदे खेमे के एक और शिवसेना सांसद ने अपना इस्तीफा दे दिया। मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग के समर्थन में नासिक के सांसद हेमंत गोडसे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
सोमवार को एकनाथ शिंदे के वफादार और हिंगोली सांसद हेमंत पाटिल ने भी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में लोकसभा सचिवालय को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। मराठा समुदाय के लिए न्याय की मांग करते हुए नासिक के सांसद हेमंत गोडसे ने कहा कि, आरक्षण को लेकर मराठा समुदाय की भावना देखी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि, मराठा समुदाय पिछले कई वर्षों से आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहा है। समुदाय कई वर्षों से आरक्षण पाने की मांग कर रहा है। इसके लिए वे अक्सर मार्च निकालते रहते हैं। आज भी मराठा समुदाय के सभी युवाओं को लगता है कि अगर हमें आरक्षण मिलेगा तो हमें सही मायने में न्याय मिलेगा।
वहीं दूसरी ओर कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) ने महाराष्ट्र में चल रहे मराठा आरक्षण विरोध के चलते बेंगलुरु से शिरडी, मुंबई और पुणे के लिए आने-जाने वाली बसों के फिलहाल के लिए रद्द कर दिया है।












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