PCMC Municipal Election:निकाय चुनाव में साथ उतरे चाचा-भतीजा, मैदान में कितना कमाल करेगी अजीत-शरद पवार की जोड़ी
Pimpri Chinchwad Municipal Election: महाराष्ट्र की सियासत में एक अहम मोड़ सामने आया है। उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख अजित पवार ने पुष्टि की है कि NCP के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुट अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP और शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम (PCMC) चुनाव मिलकर लड़ेंगे।
पार्टी बंटवारे के बाद यह महाराष्ट्र की पहली ऐसी नगर निकाय है, जहां दोनों चाचा-भतीजे की जोड़ी ने औपचारिक रूप से साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

सीटों के बंटवारे पर सस्पेंस बरकरार
हालांकि अजित पवार ने गठबंधन की घोषणा कर दी, लेकिन सीटों के बंटवारे (सीट-शेयरिंग) का फार्मूला स्पष्ट नहीं किया। नामांकन की आखिरी तारीख नजदीक होने के बावजूद उम्मीदवारों की सूची पर सस्पेंस बना हुआ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अजित पवार ने कहा, विपक्ष इंतजार कर रहा है कि NCP अपने उम्मीदवार कब घोषित करेगी। लेकिन हम भी देख रहे हैं कि दूसरी पार्टियां किन उम्मीदवारों को मैदान में उतार रही हैं।
इस घोषणा के साथ ही अजित पवार ने पवार परिवार के भीतर सुलह के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा, इन नगर निगम चुनावों का सामना करते हुए NCP और NCP (SP) साथ आगे बढ़ रहे हैं। इसी के अनुसार परिवार फिर से एकजुट होना शुरू हो गया है। यह बयान न केवल संगठनात्मक तालमेल का संकेत देता है, बल्कि राज्य की राजनीति में संभावित बड़े पुनर्संयोजन (realignment) की अटकलों को भी हवा देता है।
पिंपरी-चिंचवाड़ में विकास बनाम कर्ज का मुद्दा
पिंपरी-चिंचवाड़ के तलवाड़े इलाके में चुनावी प्रचार के दौरान अजित पवार ने आत्मविश्वासी लहजे में कहा कि शहर के विकास में उनकी पार्टी का रिकॉर्ड मजबूत रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, "जिन लोगों ने पिंपरी-चिंचवाड़ को कर्ज में धकेला, अब उन्हें किनारे करने का समय आ गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
'घड़ी' और 'तुतारी' साथ-चुनावी प्रतीक भी एकजुट
अजित पवार ने प्रतीकात्मक तौर पर भी एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनाव के लिए 'घड़ी' और 'तुतारी' (ट्रंपेट) एक साथ आ गई हैं। परिवार एकजुट हो गया है। यह बयान दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि जमीनी स्तर पर समन्वय बढ़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि चुनाव प्रचार के दौरान विवादों से बचें और विकास के मुद्दों पर ही फोकस रखें। हम विकास के लिए काम करने वाले लोग हैं। जिन्होंने नगर निगम को कर्ज में डालने की कोशिश की, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएंगे।
पुणे नगर निगम पर भी नजर
सूत्रों के मुताबिक, पिंपरी-चिंचवाड़ के बाद दोनों NCP गुट पुणे नगर निगम चुनावों के लिए भी सीटों के बंटवारे पर बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, इन चर्चाओं में कुछ अड़चनें आई हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत रुक गई थी, जिसके बाद शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) ने अपने महाविकास आघाड़ी (MVA) सहयोगियों-कांग्रेस और शिवसेना के साथ फिर से चर्चा शुरू की।
MVA बैठकों से दूरी पर अटकलें तेज
28 दिसंबर को NCP (SP) का MVA की सीट-शेयरिंग बैठकों में शामिल न होना भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। इससे नगर निकाय स्तर पर संभावित नए राजनीतिक समीकरणों की अटकलें और तेज हो गई हैं।
पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनाव में NCP के दोनों गुटों का साथ आना न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि महाराष्ट्र की व्यापक राजनीति में भी इसके दूरगामी संकेत देखे जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों की घोषणा के साथ तस्वीर और साफ होगी, लेकिन फिलहाल यह कदम पवार परिवार और NCP के भीतर नई राजनीतिक दिशा की ओर इशारा कर रहा है।












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