"हमारे पूर्वजों ने तो जिहाद किया,आपके ने तो प्रेम पत्र लिखे", फडणवीस के "वोट जिहाद" पर ओवैसी ने किया पलटवार
Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीख करीब आते ही राजनीतिक दलों के बीच चुबानी जंग और तेज हो चुकी है। उपमुुख्यमत्री देवेंद्र फडणसीस के "वोट जिहाद" वाले बयान की AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की तीखी आलोचना की है। ओवैसी ने फडणवीस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जमकर पलटवार किया है।
छत्रपति संभाजीनगर की रैली में ओवैसी ने भाजपा खासकर फडणवीस की बयानबाजी और नीतियों की कड़ी अलोचना करते हुए कहा हमारे पूर्वज अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद करते थे और आपके पूर्वज प्रेम पत्र लिखने में व्यस्त थे।

ओवेसी ने कहा भाजपा नेता दूसरों पर 'वोट जिहाद' में शामिल होने का आरोप लगाते हैं, लेकिन यह विडंबना है उनके द्वारा पूजे जाने वाले वैचारिक पूर्ववर्ती अंग्रेजों के शासन का विरोध करने के बजाय उन्हें "प्रेम पत्र" लिखने में व्यस्त थे।
AIMIM के महाराष्ट्र चुनाव के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी यहीं नहीं रुके; उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह पर भी जमकर जुबानी हमले किए। ओवैसी ने कहा मोदी जी आपने माराठा आरक्षण देने की बात कही थी आपको हर हाल में माराठियों को आरक्षण देना पड़ेगा।
इसके अलावा, ओवैसी ने फडणवीस और उनकी पार्टी पर मराठा समुदाय के लिए आरक्षण अधिकार हासिल करने में विफल रहने और इस तरह उनके भरोसे को तोड़ने का आरोप लगाया।
ओवैसी ने पीएम मोदी, अमित शाह और सीएम योगी पर भारत की विविधता को कमज़ोर करने का आरोप लगाया, खासकर पीएम मोदी के "एक है तो सुरक्षित है" नारे को देश की विविधता के लोकाचार के विपरीत बताया। इसके अलावा, ओवैसी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए 'वोट जिहाद' और 'धर्मयुद्ध' जैसे शब्दों की उत्पत्ति पर सवाल उठाया।
अपने भाषण में ओवैसी ने भाजपा की हालिया चुनावी विफलताओं को विभाजनकारी बयानबाजी के साथ जोड़कर पेश किया, खास तौर पर अयोध्या में भाजपा की हार और मालेगांव में वोट हासिल करने में उनकी असमर्थता पर प्रकाश डाला। उन्होंने भाजपा द्वारा अपनी चुनावी कमियों को 'जिहाद' करार देने की जल्दबाजी का मज़ाक उड़ाया, जिससे उनकी अभियान रणनीतियों की ईमानदारी पर सवाल उठे।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र ने गुजरात के हाथों कई औद्योगिक परियोजनाएं खो दीं, क्योंकि मोदी के डर से फडणवीस ने इन फैसलों को चुनौती देने का दृढ़ संकल्प नहीं दिखाया। उन्होंने हिंदुत्व संत रामगिरी महाराज द्वारा पैगंबर के बारे में की गई टिप्पणियों से जुड़े विवाद का भी उल्लेख करते हुए कहा ऐसे बयानों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।












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