बागियों को NCP नेता जितेंद्र आव्हाड की चेतावनी, कहा- 'दुश्मन' शरद पवार ज्यादा खतरनाक हैं...
महाराष्ट्र में रविवार को बड़ा पॉलिटिकल ड्रामा हुआ। अपने चाचा शरद पवार से नाराज एनसीपी नेता अजित पवार ने राज्य की एनडीए सरकार को समर्थन दे दिया। साथ ही दावा किया कि उनके साथ पार्टी के 90 प्रतिशत विधायक हैं। इस पर अब एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड का बयान सामने आया है।
अब तक अजित पवार के पास नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी थी, लेकिन उनके जाने के बाद पार्टी ने ये जिम्मेदारी जितेंद्र आव्हाड को दे दी। अंग्रेजी न्यूज चैनल इंडिया टुडे से बात करते हुए उन्होंने अजित पवार के सभी दावों को खारिज कर दिया।

जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि सिर्फ 9 एनसीपी विधायकों ने शपथ ली है। बस वही अजित पवार के साथ हैं, बाकी किसी को उस गुट में विश्वास नहीं। अगले दो दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी।
शरद पवार ने अपने इंटरव्यू में साफ कहा था कि जो विधायक उनके खिलाफ गए, उनका करियर खत्म हो गया। वो लोग अपनी-अपनी विधानसभा में हार गए। उन्होंने कहा कि शरद पवार से दोस्ती जितनी अच्छी है, उससे कहीं खतरनाक उनकी दुश्मनी है।
वहीं जब उनसे विधायकों के शरद पवार का साथ छोड़ने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि उनके पास कई समस्याएं हैं। उनको पता है कि बीजेपी का व्यवहार कैसा है। कई विधायकों के खिलाफ ईडी ने जांच बैठ रखी है, ऐसे में उनको डराकर समर्थन लिया गया।
पार्टी का 'मालिक' कौन?
अजित पवार ने दावा किया था कि वो अब शिंदे गुट की तरह पार्टी के सिंबल पर भी दावा ठोकेंगे। इस पर जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि पवार साहब ने कल ही साफ कर दिया था कि असली एनसीपी उनके पास है। उन्होंने उसको बनाया था।
कई राज्यों के नेताओं ने पवार साहब को फोन किया। सबका समर्थन उनके साथ है। शरद पवार के पास ही पार्टी का सिंबल और सारे अधिकार हैं।
कांग्रेस के दावे पर क्या कहा?
अगर अजित पवार के साथ 40 विधायक जाते हैं, तो विधानसभा में कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होगी। उसका दावा है कि उसके विधायक को नेता प्रतिपक्ष का पद मिलना चाहिए। इस पर जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि अभी ऐसा कुछ नहीं है। अगर ऐसा होता है, तो वो खुद ये पद छोड़ देंगे।
उन्होंने आगे कहा कि एनसीपी, कांग्रेस में जिसके भी पास विधायकों की संख्या ज्यादा होगी, ये पद उसी को मिलेगा। यही लोकतांत्रिक व्यवस्था में है। फिलहाल उनका फोकस एकजुट होकर लड़ना है।












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