'उत्तर भारत और संसद की 'मानसिकता' अभी...', शरद पवार का महिला आरक्षण पर बड़ा बयान

पुणे, 18 सितंबर: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने महिला आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत और संसद की 'मानसिकता' अभी भी लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के अनुकूल नहीं है। दिग्गज नेता ने शनिवार को पुणे डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में यह बयान दिया।

Sharad Pawar

दरअसल, कार्यक्रम में शरद पवार और उनकी बेटी लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले से बातचीत हो रही थी। इस दौरान महिला आरक्षण विधेयक पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसका मकसद लोकसभा और सभी राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना है, जिसे अभी पारित किया जाना है, और क्या यह दर्शाता है कि देश अभी भी मानसिक रूप से तैयार नहीं है। महिला नेतृत्व को स्वीकार करें।

महिला आरक्षण विधेयक पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह संसद में इस मुद्दे को तब से उठा रहे हैं, जब वह लोकसभा में कांग्रेस के सांसद थे। उन्होंने कहा, "संसद की 'मानसिकता' विशेष रूप से उत्तर भारत की, (इस मुद्दे पर) अनुकूल नहीं रही है। मुझे याद है कि संसद में जब मैं कांग्रेस का लोकसभा सदस्य था, मैं महिलाओं के लिए आरक्षण के मुद्दे पर बात करता था। एक बार अपना भाषण पूरा करने के बाद मैं पीछे मुड़ा और देखा कि मेरी पार्टी के अधिकांश सांसद उठकर चले गए। इसका मतलब है कि मेरी पार्टी के लोगों के लिए भी यह पचाने योग्य नहीं था।"

एनसीपी प्रमुख ने कहा कि सभी दलों को विधेयक को पारित कराने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, "जब मैं महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री था तो जिला परिषद और पंचायत समिति जैसे स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की शुरुआत की गई थी। शुरू में इसका विरोध किया गया था, लेकिन बाद में लोगों ने इसे स्वीकार कर लिया।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+