Nagpur Violence: नागपुर में कैसे भड़की हिंसा? 20+ हिरासत में, DCP समेत 15 पुलिसकर्मी जख्मी, धारा 144 लागू
Nagpur Violence: महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार रात औरंगजेब की कब्र (Aurangzeb Tomb) हटाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद दो गुटों के बीच झड़प हो गई, जिससे शहर के महल इलाके में भारी तनाव फैल गया। हिंसा के दौरान 25 से ज्यादा वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ हुई, जबकि कई पुलिसकर्मी और नागरिक घायल हुए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
जानकारी के मुताबिक, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान अफवाह फैली कि एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ का अपमान किया गया है, जिससे आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए। पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

हिंसा पर क्या बोले बड़े नेता?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
फडणवीस ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि "अगर कोई दंगा करता है, पुलिस पर पथराव करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागपुर (nagpur news today) की शांति भंग न हो, ऐसा व्यवहार करें।" उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की ये अपील
नागपुर के सांसद नितिन गडकरी ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि "सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।"
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल:
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "यह गृह विभाग की विफलता है कि नागपुर में इतनी हिंसा हुई। सत्ताधारी पार्टी महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए समाज में तनाव फैला रही है।"
शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे:
उन्होंने कहा कि "राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। नागपुर में कभी दंगे नहीं हुए, लेकिन अब सरकार की नीतियों के कारण ऐसा हो रहा है।"
नागपुर पुलिस ने क्या कहा?
नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने बताया कि "स्थिति अब शांतिपूर्ण है, लेकिन शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है।" उन्होंने कहा कि अभी तक 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज और वीडियो क्लिप की जांच कर की जा रही है।
क्या-क्या नुकसान हुआ?
- 25+ दोपहिया वाहन और 3 कारें जलकर खाक
- 500-1000 लोगों की भीड़ ने पथराव किया
- 15 पुलिसकर्मी घायल, कई नागरिक भी जख्मी
- पुलिस ने अब तक 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया
नागपुर में हुई यह हिंसा शहर के सौहार्दपूर्ण इतिहास पर एक काला धब्बा है। अब प्रशासन की असली परीक्षा यह होगी कि क्या वह दोषियों को पहचानकर उन पर सख्त कार्रवाई कर पाती है या नहीं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।












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