Nagpur Nikay Chunav: नागपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने वोट डालने के बाद किया महाभारत का जिक्र
Nagpur Nikay Chunav: महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं समेत बीएमसी के लिए गुरुवार को मतदान हुआ। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने नागपुर में वोट डाला। वोटिंग के बाद उन्होंने आम लोगों से भारी तादाद में मतदान की अपील करते हुए नोटा (NOTA) पर चिंता जाहिर की। नोटा को नुकसानदेह बताते हुए संघ प्रमुख ने महाभारत और भीष्म का उदाहरण दिया।
डॉ. भागवत ने कहा कि चुनाव में मतदान नागरिकों का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने मतदान की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। विपक्ष का होना और अपनी आवाज दर्ज कराना भी हमारे लिए जरूरी है।

Nagpur Nikay Chunav: वोट देने के बाद दिया भीष्म का उदाहरण
मोहन भागवत ने इस मौके पर NOTA (None of the Above) विकल्प पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने नोटा के विकल्प के इस्तेमाल पर कहा कि यह जनता के असंतोष को व्यक्त करने का एक तरीका है। अगर इसका हद से ज्यादा प्रयोग होने लगा, तो अराजक स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा, 'अराजकता की स्थिति खतरनाक है। महाभारत में भीष्म ने भी इसके लिए मना किया है।'
Mohan Bhagwat ने लोकतंत्र में विपक्ष को बताया अहम
भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'विरोध जताना जरूरी है, लेकिन यह विरोध सकारात्मक दिशा में होना चाहिए। NOTA चुनने के बजाय मतदाताओं को उस उम्मीदवार को वोट देना चाहिए जो उन्हें सबसे अधिक उपयुक्त लगता है।' उन्होंने यह भी कहा कि वोट किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि किसी के पक्ष में होना चाहिए। इससे सही प्रतिनिधि चुनकर व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दे सकता है।
जनता से की मतदान की अपील
RSS प्रमुख ने मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान जरूर करें और किसी न किसी उम्मीदवार को जरूर वोट दें। उनका कहना था कि मतदान से दूरी बनाना या किसी को भी वोट न देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जागरूक मतदान से ही बेहतर शासन और समाज का निर्माण संभव है। नागपुर नगर निगम पर लंबे समय से बीजेपी का कब्जा रहा है और ऐसे में भागवत का यह बयान नगर निकाय चुनावों के बीच खास महत्व रखता है।












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